
नई दिल्ली : राष्ट्रीय न्यूज पोर्टल Zero पार्टी ने अपने स्रोतों के माध्यम से प्रख्यात एक राष्ट्रीय सर्वे एजेंसी के बड़े सर्वे रिपोर्ट हासिल किया है। जिसका खुलासा भविष्य में होना था। इसमें वर्तमान कांग्रेस सरकार के कामकाज सहित अन्य विषयों को लेकर सर्वे किया गया है।
सर्वे में चौकाने वाले परिणाम उजागर किये हैं। इस सर्वे में पहली बार सी वोटरों से साझा तौर पर अभिमत लेकर चर्चा की गई है। वहीं उत्तरदाताओं में नौकरशाह से लेकर उद्योग जगत के नामी गिरामी हस्तियों और झोपड़पट्टी से लेकर किसान व युवाओं को अधिक से अधिक संख्या में सम्मिलित कर अभिमत लेकर रिपोर्ट तैयार किया गया है।
इस सर्वे में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है कि छत्तीसगढ़ में आज चुनाव हुए तो बीजेपी 60 से भी ज्यादा सीटें जीत कर सरकार बनाने की मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की तुलना छत्तीसगढ़ के लोग अजीत जोगी के मुख्यमंत्री रहते 3 साल की कांग्रेस शासनकाल से करते दिख रहे हैं। उसमें भी तुलनात्मक दृष्टि से कई मुद्दों में अजित जोगी की लोगों ने तारीफ की है।
गौरतलब हो कि छत्तीसगढ़ में लगातार 15 वर्षों तक सत्ता से दूर रही कांग्रेस पार्टी पिछले तीन वर्षों से सत्ता पर काबिज है। इस अंतराल में कांग्रेस के लोग अपनी ही पार्टी व सरकार के अंदर मचे अंतर्कलह से उबर नहीं पा रहे हैं। इसके चलते कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव में सत्ता से एक बार फिर से दूर होते नजर आ रही है।
राष्ट्रीय सर्वे एजेंसी ने एक सर्वे किया है। इस सर्वे में कोरोना काल के बाद जुलाई से सितंबर माह के बीच लोगों से राय ली गई है। सर्वे में 62 फीसदी लोगों ने बीजेपी को फिर से एक बार सरकार में देखना चाहते हैं। वहीं 37 फीसदी लोगों ने कांग्रेस को एक बार और मौका देने के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। जबकि मात्र 1 फीसदी लोगों ने ही अन्य पार्टी पर अपनी रुचि व्यक्त की है।
आइये जानते हैं अलग-अलग वर्ग के लोगों की क्या है राय
सबसे पहले किसानों से मिली राय को लेकर चर्चा करें तो,अपनी सोच से बहुत ही हट कर उनके विचार मिलते हैं। जैसा कि देखा गया है, भूपेश सरकार को एक तरह से किसानों की सरकार कहा जाता है और जब हमने एक बड़ी संख्या को कवर करते हुए किसानों से इस बाबत राय ली तो उनका साफ कहना था अब तो जो भी सरकार बनेगी उनको वह सब योजना का लाभ देना पड़ेगा जो अभी मिल रहा है, अर्थात किसान इस बात को लेकर प्रतिबद्ध नही हैं कि कांग्रेस को ही वोट देना है।
बल्कि कर्ज माफ को लेकर वाहवाही बटोर रही कांग्रेस सरकार को लेकर इन किसानों का साफ कहना था, भूपेश बघेल किस्तों में इस योजना को लागू कर किसानों को कर्ज माफ की जगह कर्ज दे रही है सा कर दिया है। उनको उनकी जरूरतों के वक्त कर्ज माफ का लाभ न मिलने से वे खासे नाराज हैं और 70 फीसदी किसानों ने बीजेपी को दोबारा मौका देने की बात की है।
एजेंसी ने जब युवाओं से राय लेनी चाही तो युवाओं में भी वैसा जोश नहीं दिखाई दिया जैसा सरकार द्वारा प्रचारित किया जा रहा है। सबसे बड़ी बात जो समझ आई युवाओं में सरकारी नौकरी को लेकर बहुत ज्यादा उत्साह नहीं है। बल्कि वे खुद कुछ कर आगे बढ़ने की लालसा रखते हैं। शहर से लेकर ग्रामीण युवाओं में धार्मिक भावना को लेकर खासा लगाव व जुड़ाव दिखा।
हिन्दू बहुल छत्तीसगढ़ में हिन्दुत्व को लेकर युवाओं में बारीकी से इस पर चर्चा हो रही है।95 फीसदी युवाओं में बीजेपी के प्रति झुकाव दिखाई देता है। इनका साफ अभिमत है कि बीजेपी आएगी तभी हिन्दू राष्ट्र बनेगा। भूपेश सरकार को लेकर उनकी राय भी स्पष्ट था कि उन्होंने कुछ नई योजनाएं लाई है यह उनके लिए है जो अनपढ़ हैं। पढ़ लिख कर गोबर बेचने का काम करेंगे तो उनकी उस पढ़ाई का क्या होगा?
एजेंसी को लग रहा था इस संबंध में नौकरशाहों से कैसे अभिमत लिया जाए पर उन्होंने भी खुल कर बात की और कहा,पिछली सरकार में उनके पास काम करने से ही फुर्सत नहीं रहती थी। हमेशा फाइलों से लेकर इधर-उधर दौड़ भाग लगी रहती थी पर अब ऐसा नहीं है। जो सीनियर IAS हैं उन पर कानिष्ठों का हुकूमत चलता है। जैसा काम होना चाहिए वैसा कुछ नहीं है। उनको खुद को पता नहीं रहता की वे जो जिम्मेदारी निभा रहे हैं, वहां से कब उनका ट्रांसफर हो जाये। अधिकांश अधिकारियों ने बीजेपी सरकार को बेहतर बताया।
बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों का तो साफ कहना था। उन्हें खुद को कंफ्यूजन होती है कि 17 जून के बाद छत्तीसगढ़ में प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन है। कांग्रेस के संस्कार ही ऐसे हैं जो बगैर लड़ाई झगड़ा के रह नहीं सकते। इनका साफ कहना था, राजनीतिक पार्टी यदि अनुशासित है तो प्रदेश भी अनुशासित रहती है।यहां तो एक दूसरे के ऊपर कीचड़ उछालने का काम चल रहा है। ठीक जोगी सरकार की तरह। हालांकि जोगी कुशाग्र बुद्धि के तेज व प्रखर ओर मुखर व्यक्तित्व के थे धनी तो छत्तीसगढ़ का एक मजबूत ढांचा तैयार हो गया। अब ऐसा कुछ दिखाई नहीं देता।