नई दिल्ली : – शोधकर्ताओं ने चूहों पर किए गए एक प्रीक्लिनिकल अध्ययन में इस बात का खुलासा किया है कि अगर किसी महिला के अंदर एस्ट्रोजन लेवल बढ़ रहा है तो ऐसी महिलाओं में शराब का आदी बनने का खतरा अधिक है। नेचर कम्युनिकेशन्स पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में इसकी जानकारी देते हुए बताया गया है कि किस तरह से एस्ट्रोजन का उच्च स्तर महिलाओं में अत्यधिक शराब की प्रवृत्ति बढ़ाने की ओर प्रेरित करता है।
नेचर कम्युनिकेशन्स पत्रिका में यह जानकारी सामने आयी है कि एस्ट्रोजन का बढ़ा स्तर महिलाओं को शराब का आदी बना सकता है। वेइल कॉर्नल मेडिसिन के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में एक प्रीक्लिनिकल अध्ययन किया गया था, जिसके आधार पर मिली जानकारी के अनुसार महिला सेक्स हार्मोन एस्ट्रोजन महिलाओं के शराब सेवन की प्रवृत्ति को कंट्रोल करता है।
नेचर कम्युनिकेशन्स पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन में खुलासा हुआ है कि एस्ट्रोजन का उच्च स्तर महिलाओं में अत्यधिक शराब की प्रवृत्ति बढ़ाता है और ये खोज उनके बर्ताव को समझने में मदद कर सकता है।
विश्वविद्यालय में फार्माकोलॉजी की एसोसिएट प्रोफेसर और वरिष्ठ लेखक डॉ. क्रिस्टन प्लील ने जानकारी देते हुए कहा है कि महिलाओं में शराब पीने के व्यवहार के पीछे क्या कारण है। इसके बारे में लोगों को बहुत कम जानकारी है। इसके लिए केवल कयास लगाए जाते हैं। इसके पीछे कारण साफ है कि शराब के सेवन के अधिकांश अध्ययन केवल पुरुषों पर किए गए हैं। फिर भी हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि महिलाओं ने पुरुषों की तुलना में शराब का अधिक सेवन किया है। प्लील ने कहा कि इस अत्यधिक सेवन के कारण वे पुरुषों की तुलना में शराब के नकारात्मक स्वास्थ्य प्रभावों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाती हैं।
अपने अध्ययन के बाद विशेषज्ञ ने कहा कि कई अध्ययनों से पता चलता है कि शराब पीने की आदत शराब के हानिकारक प्रभावों को बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि इन निष्कर्षो से महिलाओं में शराब सेवन विकार के उपचार के लिए नए तरीके खोजे जा सकते हैं। रिसर्च करने वाली टीम ने एस्ट्रोजन की संभावित भागीदारी का आकलन करने के लिए, सबसे पहले मादा चूहों के ओस्ट्रस चक्र के दौरान हार्मोन के स्तर की निगरानी की और फिर उन्हें शराब दी, जिसके बाद नतीजों से पता चला कि महिलाओं में सर्कुलेटिंग एस्ट्रोजन का उच्च स्तर उन्हें उन दिनों की तुलना में बहुत अधिक शराब पीने के लिए प्रेरित करता है, जब उनका एस्ट्रोजन कम होता है।
इस अध्ययन के आधार पर बताया कि अतिरिक्त न्यूरल गतिविधि का असर चूहों पर साफ-साफ दिखा है। स्पष्ट हुआ कि जब एस्ट्रोजन का लेवल बढ़ा तो उन्होंने शराब का अधिक सेवन किया। खासतौर पर शुरुआती 30 मिनट के भीतर यह प्रवृत्ति स्पष्ट दिखी।
