नई दिल्ली:– दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजन महाकुंभ का जहां पर आगाज 13 जनवरी से होने जा रहा है, वहीं पर प्रयागराज की पावन धरती पर इस बड़े कुंभ का अपना-अलग ही महत्व होता है। इसमें लोग दूर-दूर से भाग लेने के लिए आते हैं। बता दें, महाकुंभ मेला 12 सालों में एक बार आयोजित किया जाता है।
ज्योतिषयों का मानना है कि, 12 साल बाद लगने वाले इस महाकुंभ के सारथी अगर आप होते है या कुंभ में नदी में स्नान करते हैं, तो आपको इसका पुण्य अवश्य मिलता है।
ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, शाही स्नान, यानी अमृत स्नान न सिर्फ शरीर की शुद्धि होती है, बल्कि आत्मा भी पवित्र होती है। अगर आप प्रयागराज महाकुंभ में स्नान की योजना बना रहे हैं या अमृत स्नान के लिए जाने का प्लान कर रहे हैं, तो कुछ उपाय आपके पुण्यफल को दोगुना कर देंगे। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में-
महाकुंभ में अमृत स्नान के बाद करें ये कार्य
सूर्य देव को अर्घ्य
ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक, महाकुंभ में शाही स्नान के बाद सूर्य देव को अर्घ्य जरूर देना चाहिए। कहा जाता है कि, सूर्य देव को अर्घ्य देने से करियर में तरक्की, धन-दौलत में वृद्धि होने के साथ ही दुर्भाग्य भी दूर होता है। इसके अलावा, व्यापार में भी आर्थिक स्थिति अच्छी होती है।
गरीबों को दान करें
ज्योतिषियों के अनुसार, महाकुंभ में अमृत स्नान के बाद जरूरमंदों के बीच दान जरूर करना चाहिए। कहते हैं, दान करने से अशुभ ग्रह भी शुभ प्रभाव देने लगते हैं। जिसके परिणामस्वरूप जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
तुलसी में जल अर्पित करें
महाकुंभ में स्नान के बाद तुलसी में जल अर्पित करें और भगवान विष्णु की पूजा करें। मान्यता है कि ऐसा करने से घर-परिवार खुशहाल रहता है। साथ ही, माता तुलसी और भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है।
गाय को रोटी खिलाएं
महाकुंभ में शाही स्नान के बाद गाय को रोटी खिलाना पुण्यदायी बताया गया है। हिंदू धर्म में गाय को पूजनीय माना गया है। इसलिए कुंभ में स्नान के बाद गाय को रोटी खिलाना न भूलें।
दीप-दान करें
महाकुंभ में शाही स्नान के बाद नदी के किनारे दीप-दान जरूर करना चाहिए। ऐसा करते वक्त एक बात का ध्यान रखना चाहिए दीप में तिल के तेल या गाय के घी का इस्तेमाल किया जाए।
