नई दिल्ली:- देश में इलेक्ट्रिक हाइव बनाने की तैयारी की जा रही है, नाम सुनकर अगर ये लग रहा है कि इलेक्ट्रिक व्हीक्ल्स की तरह ये सड़के भी चार्जिंग से चलेगी तो कुछ ऐसा ही है, लेकिन सड़कें चार्ज नहीं होगी, बल्कि इन सड़कों पर चलने वाली गाड़ियां चलते-चलते चार्ज हो जाएंगी. हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली से जयपुर तक इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने की बात कही. उनके इस योजना के साथ रोड नेटवर्क में नई क्रांति आ जाएगी. आगे बड़े इससे पहले जानते हैं कि आखिर इलेक्ट्रिक हाईवे क्या है, इसका नाम इलेक्ट्रिक हाईवे ही क्यों रखा गया और कैसे यह भारत में ईवी सेक्टर और रोड नेटवर्क के लिए बड़ा गेम चेंजर साबित होने वाला है.
क्या होता है इलेक्ट्रिक हाईवे
आसान भाषा में समझे तो इलेक्ट्रिक हाईवे ऐसा हाईवे होता है जिस पर इलेक्ट्रिक वाहन चलते है, उनके लिए वहां चार्जिंग की व्यवस्था होती है. जिस तरह से ट्रेन और मेट्रो के ऊपर आप इलेक्ट्रिक केबल देखते हैं, उसी तरह से इस हाईवे पर भी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इलेक्ट्रिक वायर होगा, जिसकी मदद से हाइवे पर चलने वाले वाहनों को इलेक्ट्रिसिटी मिलेगी. इस हाईवे पर इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने के लिए थोड़ी-थोड़ी दूरी पर चार्जिंग पॉइंट भी होंगे. भारत के लिए बले ही ये नया कॉन्सेप्ट हो, लेकिन दुनिया के कई देशों में इलेक्ट्रिक वाहन है. जर्मनी में इलेक्ट्रिसिटी हाईवे ने ट्रकों का करीब 60% ट्रैफिक घटा दिया . वहीं स्वीडन समेत कई यूरोपीय देशों में इस तरह की बसें चलाई जाती हैं।
दिल्ली से जयपुर के बीच 225 किमी के रूट पहला इलेक्ट्रिक हाईवे बनाने का प्लान है. इसे अगले छह साल में पूरा किया जाएगा. इस हाईवे पर बिजली से चलने वाली बसें दौड़ने लगेंगी. इसके लिए अलग से हाईवे नहीं बनाया जा रहा, बल्कि मौजूदा सड़क पर ही आने-जाने वाले रास्तों पर एक डेडिकेटेड लेन को ईवी हाईवे में बदला जाएगा. इस विजय 2023 के तहत पूरा करने की तैयारी है .
कैसे बनेना इलेक्ट्रिक हाईवे
इसके लिए हाईवे के डिवाइडर पर बिजली के पोल लगेंगे. तारों से इवेक्ट्रिक सप्लाई की जाएगी. इस लेन में ट्रेन-मेट्रो की तर्ज पर इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी, जो केबल के जरिए इलेक्ट्रिक सप्लाई करने करने वालीय वायर से कनेक्ट रहेंगी. बसों में लगातार बिजली की आपूर्ति होती रहती है, इसलिए इन्हें चार्जिंग की जरूरत ही नहीं होगी. इन हाईवे पर अलग से चार्जिंग स्टेशन या सिस्टम लगाए जाएंगे, ताकि इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को लंबी दूरी की यात्रा में आसानी हो सके.
इलेक्ट्रिक हाईवे पर इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज करने के लिए विशेष सुविधाएं होंगी .
क्या होगा फायदा
इलेक्ट्रिक हाईवे के बनने से ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा मिल सकेगा. यातायात व्यवस्था को तेज और व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी. ईधन को बचाने के लिए ऐसे हाइवे बढ़ावा देंगे.इलेक्ट्रिक वाहन प्रदूषण कम करते हैं . इलेक्ट्रिक हाईवे की वजह से तेल पर निर्भरता कम होगी. इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में निवेश से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं. ई-हाईवे के विकास के साथ ही इलेक्ट्रिक बसों की संख्या भी बढ़ेगी. भारत में इलेक्ट्रिक व्हीक्लस के लिए अच्छा मौहाल बनेगा.
