नई दिल्ली:– इंडिया गठबंधन को लेकर कुछ दिनों से हलचल तेज है। दिल्ली चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे इंडिया गठबंधन में दरार पड़ रही है। इसमें आम आदमी पार्टी के बाद सबसे बड़ा हाथ शिवसेना यूबीटी का भी था। जहां संजय राउत और उद्धव ठाकरे ने इंडिया गठबंधन से अपना नाता तोड़ने का पहले ही ऐलान कर दिया है।
इस बीच हाल ही में संजय राउत ने एक बयान दिया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि इंडिया गठबंधन का अब कोई वजूद नहीं रह गया है और अब अगर ये गठबंधन एक बार टूट गया तो ऐसा कोई इंडिया गठबंधन दोबारा नहीं बनेगा।
इंडिया गठबंधन को मजबूत होना चाहिए
उनके इस बयान के बाद अब संजय राउत इंडिया गठबंधन को जोड़ने में लग गए है। सोमवार को इंडिया गठबंधन पर शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने कहा, ” मै मानता हूं कि इंडिया गठबंधन मजबूत होना चाहिए। देश के सामने जो समस्या है उसे सुलझाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि, ” देश की सबसे बड़ी समस्या मोदी और अमित शाह है और उनकी तानाशाही है। संविधान पर जो हमले हो रहे है वो संकट है, इससे लड़ने के लिए इंडिय गठबंधन को मजबूत होना जरूरी है।”
उमर अबदुल्ला की बात पर नहीं करता विश्वास
गठबंधन के पीछे चुनाव कारण होने का मुद्दे का खंडन करते हुए संजय राउत ने कहा, “मैं उमर अब्दुल्ला की बात पर विश्वास नहीं करता कि इंडिया गठबंधन लोकसभा के लिए बना था। यह गठबंधन लोकसभा के लिए जरूर बना था और हमने अच्छा चुनाव लड़ा, लेकिन उसके बाद इंडिया गठबंधन की कोई बैठक नहीं हुई, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।”
कांग्रेस की जिम्मेदारी के बारे में बताते हुए राउत ने कहा, ” बैठक करने की यह जिम्मेदारी कांग्रेस की है, क्योंकि वह गठबंधन में बड़े भाई की भूमिका में है। आने वाले दिनों में अगर इंडिया गठबंधन को बचाना है या मजबूत बनाना है, तो सबसे पहले संवाद जरूरी है।”
चुनाव के लिए था गठबंधन
इससे पहले उन्होंने कांग्रेस की नाराजगी का जवाब देते हुए संजय राउत ने कहा, ‘न तो शिवसेना (ठाकरे) पार्टी ने और न ही मैंने कहा है कि इंडिया गठबंधन या महाविकास अघाड़ी टूट गई है। हम स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर स्थिति पेश कर रहे हैं। इंडिया गठबंधन लोकसभा के लिए था, जबकि महाविकास अघाड़ी विधानसभा के लिए था। यह स्थानीय निकाय चुनाव के लिए गठबंधन नहीं था। जब हम भाजपा में थे, तब भी स्थानीय निकाय चुनाव अपने दम पर लड़ रहा था।’
