नई दिल्ली:– रत्न शास्त्र के अनुसार, कुंडली में ग्रहों की स्थिति व राशि के अनुसार रत्न धारण करना चाहिए। हर रत्न को धारण करने के अपने-अपने नियम बताए गए हैं, जिनका पालन करना जरूरी है। लाल रंग का रत्न है माणिक्य, जो सूर्य ग्रह से संबंधित है। माणिक्य रत्न को सही विधि और सही तरीके से धारण करने पर सूर्य ग्रह को मजबूत किया जा सकता है। माणिक्य रत्न धारण करने से आत्मविश्वास में वृद्धि व तरक्की होती है। आइए जानते हैं माणिक्य किसे, कब और किस विधि से धारण करना चाहिए-
माणिक्य कैसे करें धारण: माणिक्य के रत्न को तांबे, या सोने की अंगूठी में जड़वा कर धारण किया जा सकता है। रविवार के दिन गंगाजल, और कच्चे दूध से पहले माणिक्य रत्न की शुद्धि करें। अनामिका अंगुली में इस रत्न को धारण करना चाहिए। सूर्योदय के समय स्नान कर धारण करना शुभ रहेगा। 6 से स्वा 7 रत्ती वाला माणिक्य रत्न धारण करना शुभ माना जाता है।
माणिक्य किसे पहनना चाहिए: ज्योतिष विद्या की मानें तो माणिक्य रत्न को सूर्य ग्रह से जोड़कर देखा जाता है। मेष, सिंह और धनु राशि के जातक यह रत्न धारण कर सकते हैं। इसके साथ ही अगर ग्याहरवां भाव, नवम भाव, धन भाव, दशम भाव, एकादश भाव, व पंचम भाव में सूर्य उच्च के हैं तब भी माणिक्य धारण किया जा सकता है।
माणिक्य किसे नहीं पहनना चाहिए: अगर आपकी राशि तुला, कन्या, मिथुन, मकर और कुंभ है तो माणिक्य धारण करने से बचना चाहिए। रत्न विद्या के मुताबिक, कुंडली में सूर्य नीच के हों तो माणिक्य नहीं पहनना चाहिए। वहीं, माणिक्य धारण करने से पहले आपको अपने ग्रहों की स्थिति जरूर देखनी चाहिए और एस्ट्रोलॉजर की सलाह लेना भी बेहतर रहेगा।
