नई दिल्ली:– हर साल माघ महीने में बसंत पंचमी का पावन पर्व मनाया जाता है। 2 फरवरी को वसंत पंचमी का त्योहार पूरे देशभर में मनाया जाएगा। यह पर्व ज्ञान, बुद्धि और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित है। इस दिन ज्ञान की देवी माता सरस्वती की पूजा करने से साधकों की सारी मनोकामनाएं पूरी होती है। इसके अलावा जातकों को ज्ञान, बुद्धि, धन, सुख और समृद्धि की प्राप्ति भी होती है।
ऐसी मान्यता है कि मां सरस्वती को पीला रंग काफी प्रिय है। इसलिए इस दिन न केवल कपड़े बल्कि व्यंजन भी पीले रंग के भी बनाए जाते हैं। हालांकि, आज की इस खबर में हम आपको एक ऐसे व्यंजन के बारे में बताने जा रहे हैं, जो वसंत पंचमी के दिन आमतौर पर हर घर में बनाया जाता है। इस खास मौके पर लोग अपने घर में पीले मीठे चावल बनाते हैं। आप भी अगर इसे बनाना चाहते हैं तो आइए इसकी रेसिपी के बारे में जानते हैं।
पीले मीठे चावल बनाने के लिए आपको चाहिए
आधा कप बासमती चावल
आधा कप चीनी
आधा कप घी
8-10 काजू के छोटे टुकड़े
7-8 बादाम कटे हुए
2 चम्मच किशमिश
2 इलायची
4 लौंग
1 कप पानी
1/4 छोटी चम्मच केसर
1/4 छोटा चम्मच नारंगी खाने का रंग
क्या है पीले चावल बनाने का तरीका
- बासमती चावल को अच्छे से धोकर आधे घंटे के लिए भिगोकर छोड़ दें।
- कटोरी दूध में केसर और पीला रंग डालकर उसे थोड़ी देर के लिए छोड़ दें।
- इलाइची के छिलके को उतारकर एक बर्तन में रख लें। और काजू और बादाम को छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें।
- एक पैन को गैस पर रखकर गर्म करें। फिर उसमें घी डालकर उसे गर्म करें।
- घी गर्म हो जाए, तो उसमें तेजपत्ता लौंग और इलाइची डाल दें। अब उसमें चावल डालकर उसे 2 मिनट तक भूने ।
- 2 मिनट बाद चावल में पानी डालकर उसे पकने के लिए छोड़ दें।
- जब चावल अच्छी तरह से पक जाए, तो चावल के पानी को छलनी से छान लें।
- अब चावल को एक बर्तन में ठंडा होने के लिए थोड़ी देर छोड़ दें।
- दूसरी तरफ एक पैन में घी डालकर उसे गर्म करें।
- जब घी गर्म हो जाए, तो उसमें काजू को डालकर उसे धीमी आंच पर गुलाबी होने तक फ्राई करें।
- जब काजू अच्छी तरह से फ्राई हो जाए, तो उसे निकालकर अलग कर लें।
- अब उसी पैन में पके हुए चावल को डालकर उसमें चीनी भी डाल दें।
- अब तैयार किए गए केसर वाला रंग को चावल में डाल दें।
- चावल में चीनी डालते ही चाशनी बननी शुरू हो जाती है। ऐसे में गैस की आंच को तेज करके चावल को चलाते हुए चाशनी को सूखने दें।
- जब चाशनी सूख जाए, तो उसमें पिसा हुआ इलायची, काजू और बादाम डाल दें। अब चावल को गैस से उतार कर ठंडा होने के लिए छोड़ दें।
- ठंडा होने के बाद उसे एक साफ बर्तन में निकाल कर मां सरस्वती को प्रसाद के रूप में भोग लगाएं और माता के इस प्रसाद को सभी में बांटें।
