नई दिल्ली:- मणिपुर में जारी जातीय हिंसा के 21 महीने बाद मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने रविवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया. सीएम के तौर पर बीरेन सिंह का कार्यकाल कई विवादों से घिरा रहा. लेकिन कुकी और मैतेई समुदायों की बीच हुई हिंसा सबसे भारी रही. नवंबर 2024 तक मणिपुर की जातीय हिंसा में 258 लोगों की जान जा चुकी है. यहां 03 मई 2023 को हिंसा भड़कने के बाद हुई प्रमुख घटनाएं कुछ इस प्रकार से हैं.
27 मार्च 2023
तत्कालीन कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एम वी मुरलीधरन ने कहा कि, मणिपुर में मैतेई समुदाय ने जातीय हिंसा को भड़काने की दिशा में ट्रिगर का काम किया. उन्होंने एक आदेश जारी कर राज्य सरकार से कहा कि वह मैतेई समुदाय को राज्य की एसटी सूची में शामिल करने की सिफारिश पर विचार करें.
28 अप्रैल 2023
मणिपुर में बढ़ती हिंसा को देखते हुए 28 अप्रैल 2023 को स्वदेशी जनजातीय नेताओं का मंच (ITLF) सरकार के खिलाफ पूर्ण बंद का आह्वान किया.
03 मई 2023
मैतेई को एसटी का दर्जा दिए जाने के हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ आदिवासी छात्र संघ के ‘एकजुटता मार्च’ के दौरान इंफाल और कुकी बहुल जिलों में हिंसा भड़क उठी. मणिपुर सरकार ने अगले पांच दिनों के लिए पूरे राज्य में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया और आठ जिलों में कर्फ्यू लगा दिया.
04 मई 2023
इंफाल में 4 मई 2023 को भाजपा विधायक वुंगजागिन वाल्टे पर भीड़ ने हमला किया. इस दौरान करीब 9 हजार लोगों को निकाला गया. चुराचांदपुर में लगभग 5000, इंफाल में 2000 और मोरेह में 2000 लोग हैं.
04 मई 2023
मणिपुर में जातीय हिंसा बढ़ने के वहां सेना को तैनात किया गया. राज्यपाल ने बढ़ती हिंसा के बीच देखते ही गोली मारने का आदेश जारी किए.
07 मई 2023
राज्य में 7 मई को सेना ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रभावित 25 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला.
08 मई 2023
मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि, राज्य में जातीय संघर्षों में 60 निर्दोष लोगों की जान चली गई और 200 से अधिक घायल हो गए. इस जातीय हिंसा के कारण 35 हजार लोग बेघर हो गए. हिंसा में लगभग 1700 घर जला दिए गए, और पुलिस शस्त्रागार से 1041 हथियार और 7460 राउंड गोला-बारूद लूट लिया गया. मणिपुर के अलग-अलग स्थानों पर CAPF की 50 कंपनियां, सेना और असम राइफल्स की 105 टुकड़ियां तैनात की गईं. राज्य में जातीय हिंसा से बिगड़ते हालात को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर सरकार से हिंसा प्रभावित लोगों को राहत, पुनर्वास और चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए सक्रिय रूप से काम करने का आदेश दिया.
17 मई 2023
सुप्रीम कोर्ट ने मैतेई एसटी दर्जे पर मणिपुर हाई कोर्ट के निर्देश पर कड़ा संज्ञान लिया.
29 मई 2023
जातीय हिंसा के बीच गृह मंत्री अमित शाह 3 दिवसीय दौरे पर मणिपुर पहुंचे. कुकी विधायकों और नागरिक समाज संगठनों से उन्होंने मुलाकात की. साथ ही शाह ने इंफाल, कांगपोकपी और अन्य हिंसा प्रभावित जिलों का दौरा किया.