नई दिल्ली:– आट्टुकाल भगवती मंदिर- केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित है. यहां देवी भगवती की पूजा की जाती है. इस मंदिर में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित है.
कुमारी अम्मन मंदिर- तमिलनाडु के कन्याकुमारी में स्थित है. यहां देवी पार्वती के कन्या रूप की पूजा की जाती है. इस मंदिर में केवल अविवाहित पुरुष ही प्रवेश कर सकते हैं. विवाहित पुरुषों का प्रवेश वर्जित है.
चक्कूलाथूकावु मंदिर- केरल के पठानमथिट्टा जिले में स्थित है. यहां देवी भगवती की पूजा की जाती है. हर साल दिसंबर के महीने में पड़ने वाले पहले शुक्रवार को यहां एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किया जाता है, जिसमें केवल महिलाएं ही भाग ले सकती हैं. इस दौरान पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित होता है.
ब्रह्मा मंदिर- मंदिर राजस्थान के अजमेर जिले में स्थित है. यह दुनिया का एकमात्र ब्रह्मा मंदिर है. इस मंदिर में विवाहित पुरुषों का प्रवेश वर्जित है. केवल अविवाहित पुरुष ही मंदिर में प्रवेश कर सकते हैं.
संतोषी माता मंदिर- राजस्थान के जोधपुर में स्थित है. यहां देवी संतोषी की पूजा की जाती है. इस मंदिर में शुक्रवार के दिन पुरुषों का प्रवेश वर्जित होता है.
यह भी ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इन मंदिरों में पुरुषों के प्रवेश को लेकर नियम अलग-अलग होते हैं. कुछ मंदिरों में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित होता है, जबकि कुछ मंदिरों में पुरुषों को कुछ विशेष दिनों या समय पर प्रवेश करने की अनुमति होती है, इसलिए इन मंदिरों में जाने से पहले वहां के नियमों के बारे में जानकारी जरूर कर लें.
इन मंदिरों में पुरुषों के प्रवेश को वर्जित करने के पीछे कई धार्मिक और सामाजिक कारण बताई जाती हैं. कुछ लोगों का मानना है कि इन मंदिरों में देवी की विशेष शक्ति होती है, जो पुरुषों के लिए हानिकारक हो सकती है. वहीं कुछ लोगों का मानना है कि यह परंपरा महिलाओं को समाज में अधिक सम्मान और महत्व देने के लिए शुरू की गई थी.
