नई दिल्ली:– ज्ञानेश कुमार देश के नए मुख्य चुनाव आयुक्त होंगे। वह मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की जगह लेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय चयन समिति ने सोमवार शाम को ज्ञानेश कुमार के नाम की सिफारिश की, जिस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मुहर लगाई। राजीव कुमार 18 फरवरी यानी मंगलवार को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। राजीव कुमार के बाद ज्ञानेश कुमार सबसे वरिष्ठ चुनाव आयुक्त हैं।
इस साल बिहार में विधानसभा चुनाव होना है। वहीं, 2026 में पश्चिम बंगाल, केरल तमिलनाडु, असम जैसे राज्यों विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में वो इन चुनावों के प्रभारी होंगे। चुनाव आयुक्त के रूप में उनका कार्यकाल 26 जनवरी 2029 तक है।
2027 में राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में होंगे।
चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में होंगे।
कौन हैं ज्ञानेश कुमार
केरल कैडर के 1988 बैच के IAS अधिकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय का हिस्सा थे। उन्होंने 2019 में जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 को खत्म करने वाले विधेयक का मसौदा तैयार करने में मदद की थी।
वह मई 2022 से अमित शाह के नेतृत्व वाले मंत्रालय में सचिव थे।
उनके पास गृह मंत्रालय में काम करने का पांच सालों का तजुर्बा है। पहले मई 2016 से सितंबर 2018 तक संयुक्त सचिव के रूप में और फिर सितंबर 2018 से अप्रैल 2021 तक अतिरिक्त सचिव के रूप में उन्होंने काम किया था।
उन्होंने कानपुर में भारतीय इंजीनियरिंग संस्थान (IIT Kanpur) से सिविल इंजीनियरिंग में बी-टेक की डिग्री प्राप्त की है। कुमार ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड फाइनेंशियल एनालिस्ट्स ऑफ इंडिया से बिजनेस फाइनेंस की भी पढ़ाई की है।
उन्होंने तीन तलाक को खत्म करने से जुड़ी मसौदा समिति में भी अहम भूमिका निभाई है।
गृह मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव के पद पर रहते हुए उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर से जुड़े ममले में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान संबंधित दस्तावेजों सो संभालने की जिम्मेदारी भी निभाई है।
वो पिछले साल सहकारिता मंत्रालय से सचिव के रूपमें कार्य करते हुए रिटायर हुए थे।
