मध्य प्रदेश:- किसानों के लिए एक के बाद एक बड़ी घोषणाएँ हो रही हैं। हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं की खरीद 2600 रुपए प्रति क्विंटल करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही सरकार 175 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस भी देगी। वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि अब किसानों को अपनी उपज बड़े शहरों में बेचने के लिए परिवहन खर्च की चिंता नहीं करनी पड़ेगी, क्योंकि यह खर्च सरकार उठाएगी।
अब उपज बेचने के 48 घंटे के भीतर होगा भुगतान
पिछले वर्षों में किसानों को समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के बाद भुगतान में देरी की समस्या का सामना करना पड़ा था। इस बार मध्य प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश मॉडल को अपनाने का निर्णय लिया है, जिसमें 48 घंटे के भीतर भुगतान की गारंटी होगी। इसके लिए ऑनलाइन सिस्टम को और मजबूत किया गया है। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि किसान को उपज बेचने के तुरंत बाद भुगतान प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इससे छोटे किसानों को आर्थिक तंगी से राहत मिलेगी।
MSP पर बेचने के लिए किसानों को मुफ्त पंजीयन सुविधा
सरकार ने गेहूं की खरीदी के लिए 4000 उपार्जन केंद्र स्थापित किए हैं। समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को 20 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2025 तक पंजीयन करवाना होगा। पंजीयन के लिए:-
ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालयों में सुविधा केंद्र बनाए गए हैं।
एमपी किसान ऐप पर जाकर किसान खुद भी पंजीयन कर सकते हैं।
एमपी ऑनलाइन कियोस्क, लोक सेवा केंद्र, साइबर कैफे पर 50 रुपए का शुल्क देकर पंजीयन किया जा सकता है।
पंजीयन के लिए आधार कार्ड, बैंक अकाउंट पासबुक और जमीन की पावती आवश्यक होगी।
बैंक खाते को आधार से लिंक कराना अनिवार्य होगा, ताकि भुगतान में कोई बाधा न आए।
बड़े शहरों में फसल बेचने पर परिवहन खर्च सरकार उठाएगी
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने के लिए सरकार ने बड़े शहरों तक फसल पहुँचाने के लिए परिवहन खर्च वहन करने का निर्णय लिया है। उदाहरण के तौर पर, मध्य प्रदेश में टमाटर 2 रुपए किलो बिकता है, लेकिन दिल्ली-मुंबई में यही टमाटर 50 रुपए किलो तक पहुँचता है। इस योजना के तहत किसान अपनी फसल को ज्यादा लाभकारी बाजारों में भेज सकेंगे, जिससे उन्हें अधिक मुनाफा मिलेगा। हाल ही में शिवपुरी जिले से 1 हजार क्विंटल टमाटर बड़े शहरों में भेजे गए, जिससे किसानों को बड़ा फायदा हुआ।
लाड़ली बहना और पीएम आवास योजना पर भी राहत
किसानों के साथ-साथ महिलाओं और गरीबों को भी बड़ी राहत देने की घोषणाएँ की गई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लाड़ली बहना योजना कभी बंद नहीं होगी, बल्कि इसे और सशक्त बनाया जाएगा। पीएम आवास योजना के तहत अब लोग मोबाइल से ही अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं, जिससे अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
नक्शा प्रोजेक्ट और जल संरक्षण योजना भी होगी लागू
मध्य प्रदेश में ‘नक्शा’ पायलट प्रोजेक्ट भी शुरू किया गया है, जिसमें ड्रोन, सैटेलाइट और GIS तकनीक का उपयोग कर भूमि का सर्वेक्षण किया जाएगा। इसके अलावा, जल संरक्षण के लिए ‘वाटरशेड यात्रा’ भी शुरू की गई है, जिससे किसानों को पानी की बचत और सिंचाई में मदद मिलेगी।
किसानों को होगा सीधा लाभ
इन योजनाओं से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा, उन्हें फसल परिवहन की चिंता नहीं करनी पड़ेगी और भुगतान भी तेजी से होगा। सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक सुधार किए हैं, ताकि किसी भी किसान को कोई परेशानी न हो।
मध्य प्रदेश सरकार की इन नई नीतियों से किसानों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा। समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद, 175 रुपए का बोनस, 48 घंटे में भुगतान और मुफ्त परिवहन सुविधा जैसी योजनाओं से किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगे। सरकार की इन पहलों से न केवल कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों का आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में योगदान भी बढ़ेगा।
