नई दिल्ली:– दिल्ली में बीजेपी के नई सरकार बनने के बाद से एक्शन में नजर आ रही है. दिल्ली की नवगठित भाजपा सरकार के लिए यमुना नदी को स्वच्छ बनाना दिल्ली की जनता से किए गए वादों में से एक है. इसलिए शपथ लेते ही दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने कार्यकाल के पहले दिन ही अपने सभी कैबिनेट मंत्रियों के साथ दिल्ली में यमुना तट पर स्थित वासुदेव घाट पर पहुंचीं और यमुना आरती की. पर शपथ ग्रहण के बाद जब वह दिल्ली सचिवालय में मुख्यमंत्री ऑफिस में अरविंद केजरीवाल के साल 2002 में लिए गए एक फैसले की छाप दिखाई दी.
अरविंद केजरीवाल को अदालत से शराब कांड में जमानत मिलने के बाद जेल से बाहर आने के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और आतिशी को सीएम का मुख्यमंत्री बनाया था. आतिशी ने मुख्यमंत्री बनने के बाद कहा था कि वह सीएम की कुर्सी पर नहीं बैठेंगी क्योंकि वह अरविंद केजरीवाल की है और चुनावों के बाद जब वह दोबारा जीतकर आएंगे तो इस सीट पर वह दोबारा से बैठेंगे. हालांकि चुनावों में अरविंद केजरीवाल की सरकार की वापसी तो सत्ता में नहीं हो सकी. इसलिए गुरुवार को शपथ लेने के बाद रेखा गुप्ता उस सीट पर बैठीं जिस पर अरविंद केजरीवाल बैठा करते थे. पर रेखा गुप्ता के सीएम ऑफिस पर केजरीवाल सरकार के जनवरी 2002 में लिए गए एक फैसले की छाप जरूर दिखाई दी.
आखिर क्या था अरविंद केजरीवाल का फैसला
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 25 जनवरी 2002 को फैसला लिया था कि अब से दिल्ली सरकार के सभी दफ्तरों में बाबासाहेब अंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें लगेंगी और किसी भी राजनीतिक नेता की तस्वीर नहीं होगी. आम आदमी पार्टी के प्रमुख केजरीवाल ने दिल्ली सरकार के गणतंत्र दिवस कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की थी. उन्होंने कहा था कि अब से सरकारी दफ्तरों में मुख्यमंत्री की तस्वीर भी नहीं होगी. केजरीवाल ने कहा था कि वह अंबेडकर से सबसे अधिक प्रेरित हैं, जो एक दलित परिवार में पैदा हुए थे और भारत के संविधान की मसौदा समिति के प्रमुख बने और भगत सिंह एक क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी थे, क्योंकि उन्होंने एक ही उद्देश्य के लिए अलग-अलग रास्ते तय किए थे.
सीएम ऑफिस में केजरीवाल की छाप
रामलीला मैदान के बाद जब दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शपथ के बाद दिल्ली सचिवालय पहुंचीं तो फोटोग्राफर उनका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. सीएम ऑफिस पहुंचकर जब रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठीं तो पीछे फोटो बाबासाहेब अंबेडकर और भगत सिंह की थी जिसको लगाने का फैसला केजरीवाल ने दिया था. इस तरह से कुर्सी पर नई मुख्यमंत्री तो दिखीं पर कमरा वैसा ही था जैसा आम आदमी पार्टी के वक्त था. सीएम ऑफिस शपथ लेने के कुछ ही घंटे बाद रेखा गुप्ता अपने मंत्रियों के साथ यमुना आरती में शामिल हुईं. विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत में यमुना की गंदगी के मुद्दे काफी जोर शोर से उठाया था और अब सरकार उसकी सफाई को लेकर किस कदर प्रतिबद्ध है.
यमुना आरती के बाद हुई कैबिनेट बैठक
यमुना आरती के उपरांत दिल्ली सरकार की पहली कैबिनेट बैठक हुई. इसमें मंत्री प्रवेश वर्मा, मनजिंदर सिंह सिरसा, आशीष सूद, कपिल मिश्रा, रविंद्र इंद्रराज और पंकज कुमार सिंह शामिल हुए जिन्होंने आज रेखा गुप्ता के साथ मंत्री पद की शपथ ली थी. दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा भी यहां यमुना घाट पर मौजूद रहे. इस दौरान मंत्रोच्चार के बीच यमुना आरती की गई. मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर प्रार्थना की. यहां भाजपा के कई बड़े नेता और दिल्ली के कई लोकसभा सांसद भी मौजूद रहे. दिल्ली में पिछले 10 साल से सत्ता में रही आम आदमी पार्टी की सरकार ने यमुना नदी को साफ करने के वादे किए थे. हालांकि, दो कार्यकाल बीतने के बावजूद दिल्ली में यमुना साफ नहीं हो सकी. यमुना नदी की गंदगी का मुद्दा दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी उठाया गया था. अब भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने यमुना नदी को अपनी प्राथमिकता पर रखा है.
