रीवा:- प्रयागराज महाकुंभ जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए रीवा पिछले एक माह से ‘मोक्ष प्राप्ति का मुख्य द्वार’ बना हुआ है. मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के साथ आंध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटका, केरल, तेलंगाना और गुजरात सहित अन्य राज्यों से लाखों श्रद्धालु प्रतिदिन नेशनल हाईवे 30 से होकर गुजर रहे हैं. रीवा के चाकघाट में मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश का बॉर्डर पार करके प्रयागराज महाकुंभ में यात्री पहुंचे. महाकुंभ के प्रति श्रद्धालुओ की आस्था इतनी गहरी होगी, इसका अंदाजा पुलिस और प्रशासन को भी नहीं था.
महाशिवरात्रि तक चलेगा महाकुंभ
13 जानवरी को प्रारंभ हुआ महाकुंभ का आयोजन 26 फरवरी यानी महाशिवरात्रि के पर्व तक चलेगा. रीवा के NH 30 से होकर चाकघाट के रास्ते एमपी बॉर्डर पार करके यूपी के प्रयागराज यात्री पहुंचे. यहां से कई राज्यों से लाखों श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे और ये सिलसिला जारी है. रीवा में 28 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन नेशनल हाइवे 30 में लंबा जाम देखने को मिला. यह जाम रीवा के चोराहटा बायपास से लेकर चाकघाट बॉर्डर तक कई स्थानों तक रहा. इस दौरान यात्रियों की सुविधाओं के लिऐ कई स्थानों पर होल्डिंग प्वाइंट बनाए गए.
रीवा के नेशनल हाईवे पर कब-कब लगा जाम
इसी तरह से 29 जनवरी, 10 फरवरी, 12 फरवरी, और 16 फरवरी के आलावा 17 फरवरी और 21 फरवरी के बाद 22 फरवरी को महाकुंभ जानें वाले यात्रियों के संख्या में इजाफा देखने को मिला. शुक्रवार सुबह से लेकर लगातार महाकुंभ जाने वाले यात्रियों के वाहनों की कतार रीवा के NH 30 में बेला, चोराहटा बायपास और मनगवां सहित गढ़, सोहागी पहाड़ और चाकघाट में देखने को मिली. शनिवार भी यात्रियों की आगमन में इजाफा हुआ, जिसके चलते यात्रियों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके पुलिस प्रशासन जगह मुस्तैद है.
रीवा डीआईजी ने अब तक की व्यवस्थाओं के बारे में दी जानकारी
रीवा डीआईजी साकेत प्रकाश पांडेय ने खास बातचीत मे बताया “मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, गुजरात, और छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के यात्री रीवा होकर प्रयागराज गए. जब महाकुंभ प्रारंभ हुआ तो शुरुआती दौर में प्रशासन को उम्मीद नहीं थी कि इतने श्रद्धालु रीवा होकर प्रयागराज जाएंगे. मकर संक्रांति के बाद प्रशासन ने तैयारी की. इसकी बाद मौनी अमावस्या के पहले श्रद्धालुओ की काफी भीड़ आ गई. मैहर से लेकर चाकघाट तक कई स्थानों में वाहनों की कतारें लग गईं.” डीआईजी ने बताया कि सामान्य स्थिति में हर घंटे 800 वाहन और सप्ताह के अंतिम तीन दिन में प्रति घंटे में 2000 से ज्यादा वाहन रीवा के नेशनल हाइवे से होकर प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे.