नई दिल्ली- कई बार ऐसा होता है कि आप दूध या चाय रखें और पलक झपकते ही उसमें मक्खी या मच्छर तैरता हुआ दिखाई देता है. ऐसी स्थिति में आप क्या करेंगे? कहीं उसे पीने से आपको कोई बीमारी तो नहीं हो जाएगी? इन सवालों के जवाब यहां दिए गए हैं.
क्या मच्छर गिरे दूध को पीने से डेंगू या मलेरिया हो सकता है? जवाब है नहीं.
डेंगू-मलेरिया दोनों ही संक्रमित मच्छर के काटने से फैलते हैं. डेंगू संक्रमित मादा मच्छर एडीज एजिप्टी के काटने से फैलता है.
दूध में मच्छर गिर जाने से यह डेंगू-मलेरिया में परिवर्तित नहीं हो जाता. मच्छर बीमारियों का कारण नहीं बनता, बल्कि वह एक माध्यम है.
तो क्या मच्छर या मक्खी गिरे हुए दूध/चाय को पीना सुरक्षित है?
मक्खी, मच्छर के गिरने से दूध तुरंत हानिकारक नहीं होता. इसका मतलब यह नहीं कि आपको वह पीने को कहा जा रहा है!
रसेल रिसर्च द्वारा 1,015 लोगों के बीच किए गए एक सर्वेक्षण से पता चला है कि कप में मच्छर बैठने से डेंगू-मलेरिया नहीं फौलती.
मक्खियां मच्छरों से ज्यादा खतरनाक क्यों? रिसर्चर के मुताबिक मक्खियां कीटों में सबसे ख़तरनाक हैं.
मक्खियां सड़े हुए भोजन, मल, कचरे और शवों पर घूमती हैं, जिसके ज़रिए बैक्टीरिया, वायरस उनके शरीर, ख़ासकर उनके पैरों पर चिपक जाते हैं.
मक्खी से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी ख़तरे दूसरे कीटों की तुलना में कहीं ज़्यादा हैं.
जिन मच्छरों के अंदर मलेरिया परजीवी होता है, उनके काटने पर ही मलेरिया फैलती है.