नई दिल्ली:- भारत में लोगों को अलग-अलग तरह का खाना पसंद होता है. यहां मौसम के हिसाब से कई तरह के फूड प्रोडक्ट मिलते हैं. खाने के शौकीनों के लिए यहां खाने के कई ऑप्शन मौजूद हैं. वहीं, कोरोना महामारी के बाद लोग अपनी सेहत को लेकर काफी चिंतित हैं. ऐसे में कई लोग स्वस्थ रहने के लिए हेल्दी फूड्स को अपनी डाइट में शामिल करते हैं। भारत का पारंपरिक खाना दाल, चावल, रोटी और सब्जी है. ये खाना लगभग सभी को पसंद होता है, लेकिन कुछ लोग सफेद चावल की जगह ब्राउन राइस का इस्तेमाल कर रहे हैं. डॉक्टर्स भी कहते हैं कि ब्राउन राइस सफेद चावल से ज्यादा सेहतमंद होता है. लेकिन कुछ लोग इसका जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं. ऐसे में आप जानकर चौंक जाएंगे कि जिस ब्राउन राइस का इस्तेमाल आप स्वस्थ रहने के लिए कर रहे हैं, वो आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकता है. आइए यहां जानते हैं कि ज्यादा ब्राउन राइस खाने से क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं.
ब्राउन राइस पचाने में मुश्किल होता है
आपको लगता होगा कि ब्राउन राइस खाने से आपका शरीर फिट रहेगा, लेकिन ऐसा नहीं है. दरअसल, बहुत ज्यादा ब्राउन राइस खाने से पेट की समस्या हो सकती है. ब्राउन राइस आसानी से पचता नहीं है. इसके अलावा इसे खाने से पेट की समस्या जैसे कब्ज भी हो सकती है. अगर आप पेट की किसी समस्या से पीड़ित हैं तो ब्राउन राइस न खाएं.
पाचन संबंधी समस्याएं
ब्राउन राइस में मौजूद हाई फाइबर कंटेंट कुछ लोगों में पाचन संबंधी परेशानी पैदा कर सकती है, जिससे पेट फूलना, गैस और पेट में ऐंठन हो सकती है. इसके अलावा, ब्राउन राइस में किण्वनीय ऑलिगोसेकेराइड, डिसैकेराइड, मोनोसेकेराइड और पॉलीओल्स होते हैं जो चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम वाले लोगों में पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं.
सिरदर्द की समस्या
अगर आप अपने शरीर को फिट रखने के लिए ब्राउन राइस का सेवन कर रहे हैं, तो इसका अधिक सेवन न करें. क्योंकि ब्राउन राइस का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है. इससे उल्टी और सिरदर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं. साथ ही ब्राउन राइस सोरायसिस और अन्य त्वचा संबंधी समस्याओं का कारण भी बन सकता है.
फोलिक एसिड की कमी
बहुत से लोग अपने खाने में सफेद चावल का इस्तेमाल करते हैं, इसमें मौजूद फोलेट या फोलिक एसिड शरीर के लिए अच्छा माना जाता है. हालांकि, ब्राउन राइस में फोलिक एसिड की मात्रा बहुत कम होती है. ऐसे में अगर आप ब्राउन राइस का सेवन करते हैं तो शरीर को जरूरी फोलिक एसिड नहीं मिल पाएगा. गर्भवती महिलाओं के लिए फोलिक एसिड बहुत जरूरी होता है. इसलिए ऐसी महिलाओं को ब्राउन राइस नहीं खाना चाहिए.
ब्राउन राइस में फाइटिक एसिड
अगर आप ब्राउन राइस का सेवन कर रहे हैं तो ध्यान रखें कि इसमें फाइटिक एसिड की मात्रा बहुत अधिक होती है. यह हमारी सेहत के लिए बहुत हानिकारक है. दरअसल, फाइटिक एसिड शरीर में मिनरल्स को आसानी से अवशोषित नहीं होने देता. इससे शरीर में आयरन, जिंक और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स को अवशोषित करने में दिक्कत होती है और शरीर बीमारियों से लड़ने में असमर्थ हो जाता है.
फाइटिक एसिड क्या है
यह पौधों के बीजों में पाया जाने वाला एक एंटी-पोषक तत्व है. यह कई पौधों के ऊतकों, विशेष रूप से बीजों और अनाजों में फॉस्फोरस के प्राथमिक भंडारण रूप के रूप में कार्य करता है. जबकि फाइटिक एसिड में कुछ लाभकारी गुण होते हैं, इसमें ऐसी विशेषताएं भी होती हैं जो मानव पोषण को प्रभावित कर सकती हैं.
फाइटिक एसिड के साइड इफेक्ट क्या हैं
फाइटिक एसिड शरीर में खनिजों, खास तौर पर आयरन, जिंक, मैग्नीशियम और कैल्शियम के अवशोषण को सीमित करने के लिए जाना जाता है. यह भी कहा जाता है कि फाइटिक एसिड सफेद चावल की तुलना में ब्राउन राइस की समग्र पाचन क्षमता को कम करता है, जिससे पाचन संबंधी बड़ी समस्याएं हो सकती हैं.
ब्राउन राइस के दूसरे साइड इफेक्ट क्या हैं
आर्सेनिक: ऐसा कहा जाता है कि सफेद चावल की तुलना में ब्राउन राइस में अकार्बनिक आर्सेनिक का स्तर ज्यादा हो सकता है.आर्सेनिक के हाई लेवल का लंबे समय तक सेवन करने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जिसमें कैंसर और हृदय रोग का खतरा बढ़ सकता है.
चावल से एलर्जी: कुछ लोगों को चावल से एलर्जी हो सकती है, जिससे चकत्ते, खुजली या अधिक गंभीर एलर्जी जैसे लक्षण हो सकते हैं.
भारी धातुएं: आर्सेनिक के अलावा, ब्राउन राइस मिट्टी से सीसा और कैडमियम जैसी अन्य भारी धातुओं को भी जमा कर सकता है, जिससे कई तरह के प्रतिकूल स्वास्थ्य प्रभाव हो सकते हैं.