बिहार:– प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। राजधानी समेत अधिसंख्य भागों में मौसम शुष्क बने होने के साथ आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। तापमान में विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है। इसके साथ ही मौसम विभाग ने कुछ जगहों पर यलो अलर्ट भी जारी किया है।
मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, शनिवार को प्रदेश के छह जिलों के कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर व नवादा जिले के एक या दो स्थानों पर बादल गरजने के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
इस दौरान तेज हवा का प्रवाह जारी रहेगा। मौसम में हुए बदलाव को देखते हुए मौसम विज्ञान केंद्र की ओर से यलो अलर्ट जारी किया गया है।
बिजली गिरने की संभावना
अगले 24 घंटों के दौरान पूर्वी व पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, कैमूर, औरंगाबाद, रोहतास, गया व नवादा जिले के एक या दो स्थानों पर झोंके के साथ बादल गरजने और बिजली गिरने की संभावना है। 24 घंटों के दौरान न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री क्रमिक वृद्धि का पूर्वानुमान है।
25 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि
शुक्रवार को पटना सहित 25 शहरों के न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की गई। पटना का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री की वृद्धि के साथ 18.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 13.4 डिग्री सेल्सियस के साथ बांका में सबसे कम न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया।
आंशिक रूप से बादल छाए रहने के आसार
राजधानी का अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज राजधानी व आसपास इलाकों में आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ सुबह-शाम हल्की ठंड का प्रभाव बना रहा।
प्रमुख शहरों का तापमान
शहर
अधिकतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
न्यूनतम (तापमान डिग्री सेल्सियस में)
पटना 29.1 18.9
गया 30.5 16.0
भागलपुर 29.2 16.5
मुजफ्फरपुर 26.4 18.7
मौसम के बदलते मिजाज से किसानों की बढ़ी चिंता
फागुन महीना चल रहा है। खेतों में गेहूं की फसल में बालियां लग गई हैं। अधिकतर खेतों में लगी सरसों की फसल में दाने लग गए हैं। चना की फसल में भी दाने आ गए हैं। ऐसे में सामान्य मौसम जरूरी है, लेकिन मौसम के बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है।
एक सप्ताह से मौसम में अनिश्चितता बनी हुई है। कभी तेज धूप निकल रही है तो कभी ठंढ का असर बढ़ जा रहा है। शुक्रवार को पूरे दिन आसमान बादलों से ढंका रहा।
बादलों की गरज से बारिश का अनुमान था। कही- कहीं बूंदाबांदी भी हुई। फागुन महीने में अगर बारिश होगी तो फसलों को नुकसान होगा।
पुरानी कहावत है कि अगर फागुन महीने में बारिश हुई तो खेत में लगी फसल के घर आने की उम्मीद कम ही रहती है। इस महीने में आसमान से ओला वृष्टि की संभावना रहती है। ऐसा होने पर फसलें खेत में ही तहस नहस हो जाएंगी, जिससे किसानों को काफी नुकसान होगा।
