नई दिल्ली:- भारत में टैक्स सिस्टम को सरल और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने न्यू इनकम टैक्स बिल 2025 पेश किया है. नए नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. नए आयकर विधेयक में पुराने आयकर अधिनियम 1961 की धारा 115BAC को हटाकर नई धारा 202 को शामिल किया जाएगा. इस बदलाव का उद्देश्य इनकम टैक्स को और अधिक पारदर्शी और सरल बनाना है. जानें इस नए विधेयक में क्या खास है.
नए आयकर विधेयक के तहत आयकर स्लैब और दरें
4,00,000 रुपये तक- कोई कर नहीं
4,00,001 से 8,00,000 रुपये – 5 फीसदी
8,00,001 से 12,00,000 रुपये- 10 फीसदी
12,00,001 से 16,00,000 रुपये- 15 फीसदी
16,00,001 से 20,00,000 रुपये- 20 फीसदी
20,00,001 से 24,00,000 रुपये- 25 फीसदी
24,00,000 रुपये या उससे अधिक- 30 फीसदी
ये स्लैब नई टैक्स सिस्टम के अनुरूप हैं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2025 में इसकी घोषणा की है. ध्यान रहे कि यह नई कर प्रणाली उन करदाताओं के लिए है जो पुरानी कर प्रणाली की छूट और कटौती का लाभ नहीं उठाना चाहते हैं.
60,000 रुपये तक की टैक्स छूट
नए बिल में एक और अहम प्रावधान है. 12 लाख रुपये तक की आय वाले करदाताओं को 60,000 रुपये तक की टैक्स छूट मिलेगी. इसका मतलब है कि अगर आपकी कुल आय 12 लाख रुपये तक है तो आपको किसी भी तरह का टैक्स नहीं देना होगा.
पुरानी टैक्स व्यवस्था का पालन करने वाले करदाताओं को 5 लाख रुपये तक की आय पर 12,500 रुपये तक की छूट मिलेगी. यह छूट धारा 156 के तहत दी जाएगी जो दोनों टैक्स सिस्टम में समान रूप से लागू होगी.