नई दिल्ली:- अभी शादी का महीना चल रहा है.लेकिन कुछ हीं दिनों मे खरमास का मास शुरू होने वाला है. खरमास का महीना बेहद अशुभ माना जाता है कोई भी नए कार्य की शुरुआत करने से नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. खरमास के दिनों में मांगलिक कार्य भी वर्जित हो जाते हैं जैसे शादी विवाह,जनेऊ,मुंडन इत्यादि. फिलहाल मार्च का महीना शुरू हो चुका है और इस महीने में ही खरमास भी लगने वाला है. कब से खरमास की शुरुआत होने वाली है और कब समापन होगा जानते हैं देवघर के ज्योतिषाचार्य से?
क्या कहते है देवघर के ज्योतिषाचार्य :
देवघर के पागल बाबा आश्रम स्थित मुद्गल ज्योतिष केंद्र के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने लोकल 18के संवाददाता से बातचीत करते हुए कहा कि आज से मार्च महीने की शुरुआत हो चुकी है. हिंदू कैलेंडर के अनुसार अभी फाल्गुन का महीना चल रहा है और फाल्गुन के बाद चैत्र का महीना ही आता है. लेकिन जैसे ही चैत्र का महीना शुरू होगा खरमास की भी शुरुआत हो जाएगी. वैसे तो साल भर में कुल तीन बार खरमास लगता है एक चैत्र के महीने में दूसरा भाद्रपद के महीने में तीसरा पुश के महीने में. खरमास लगभग एक महीने तक रहता है और खरमास के दिनों में कोई भी शुभ कार्य और मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है.
कब से शुरू हो रही है खरमास :
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि ऋषिकेश पंचांग के अनुसार इस साल यानी 2025 में चैत्र मास की खरमास की शुरुआत 14 मार्च से होने वाली है और खरमास का समापन 12 अप्रैल को होगा. इन दिनों के दौरान शादी विवाह, जनेऊ,मुंडन जैसे मांगलिक कार्य बंद हो जाएंगे.हालांकि पूजा पाठ की कोई मनाही नहीं होती है.
क्यूँ लगता है खरमास :
ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि खरमास के दिनों में सूर्य देव कमजोर हो जाते हैं. यानी देव का प्रभाव कम हो जाता है. जब जब सूर्य देव गुरु की राशि में प्रवेश करते हैं तब तब खरमास लगता है. जिस भी मांगलिक कार्य में या फिर शुभ कार्य में सूर्य देव का प्रभाव कम हो उससे जीवन पर नकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है. इसीलिए खरमास के दिनों में कोई भी शुभ कार्य करना या मांगलिक कार्य करना वर्जित माना जाता है.
