रायपुर :- छत्तीसगढ़ में पहली बार हस्तलिखित बजट पेश हुआ. प्रदेश के इतिहास में पहली बार वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने हस्तलिखित बजट पेश किया. ये पहला मौका है, जब राज्य में कंप्यूटर-टाइप्ड बजट की जगह खुद वित्त मंत्री के हाथों से लिखा गया बजट सदन में प्रस्तुत किया. यह बजट 100 पृष्ठों का है, जिसे पूरी तरह हाथ से लिखा गया है.
छत्तीसगढ़ को PRAGATI देने वाला बजट : ये बजट गति यानि की GATI में समावेशित है.जिसमें GOOD GOVERNENCE, ACCELERATING INFRASTRUCTURE,TECNOLOGY और INDRUSTRIAL GROWTH को सर्वोपरि रखा गया है.
छत्तीसगढ़ बजट के मुख्य अंश
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के कुशल नेतृत्व में योजनाओं की सटीक निगरानी और कुशल क्रियान्वयन के लिये अटल मॉनिटरिंग पोर्टल की शुरुआत की जा रही है. जिसके लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
छत्तीसगढ़ शासन की पहल, सुशासन और डिजिटल नवाचार को नई ऊंचाई देने के लिए मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना शुरु की जा रही है.जिसके लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान है.
पंजीयन प्रणाली में पारदर्शिता और सुविधा का उत्कृष्ट उदाहरण प्रदेश प्रस्तुत करने की तैयारी की गई है. 20 मैदानी पंजीयक कार्यालयों को आदर्श उप पंजीयक कार्यालय बनाया जाएगा.इसके लिए 10 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
उत्कृष्ट लोक सेवकों को सम्मानित कर प्रशासनिक दक्षता को प्रोत्साहन देने के लिये CM Excellence Award की शुरुआत होगी.
राजस्व विवादों को रोकने के लिए हक त्याग एवं बंटवारा में लगने वाले लाखों रुपए के शुल्क को मात्र 500 रुपए किया जाएगा.
मुख्यमंत्री रिंग रोड योजना का शुभारंभ होगा.जिसके तहत नगर निगमों की सड़कों को चकाचक किया जाएगा.इसके लिए 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.ये छत्तीसगढ़ के शहरों को आधुनिक और सुव्यवस्थित बनाने की नई दिशा है.
रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल चलाने की तैयारी की गई है. रायपुर से दुर्ग तक मेट्रो रेल सर्वे के लिए 5 करोड़ रुपये प्रावधान किया गया है.
पेयजल व्यवस्था के लिये जल जीवन मिशन योजना के तहत 4500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है.
टेक्नोलॉजी किसी भी व्यवसाय का प्रवेश द्वार बन चुका है मोबाइल कनेक्टिविटी आज के आधुनिक व्यवस्था का वॉक है आज भी कई ऐसी जगह है जहां पर मोबाइल टावर की दिक्कत है. इस बजट में हम लोगों ने मुख्यमंत्री मोबाइल टावर योजना को शुरू करने की योजना रखी गई है इसके प्रथम चरण में रखा गया है इसके लिए भी बजट की व्यवस्था की गई है.मुख्यमंत्री मोबाइल टावर योजना की शुरुआत की जाएगी. जिसके तहत दूरसंचार क्रांति से वंचित क्षेत्रों को मोबाइल से कनेक्ट किया जाएगा. टेलिकॉम सेवा प्रदाताओं को VGF माध्यम से किया प्रोत्साहित किया जाएगा.
सरकारी सेवाओं को डिजिटल और पारदर्शी करने के लिये भी सरकार ने बड़ी तैयारी की है. इसके लिए स्टेट डेटा सेंटर के लि 40 करोड़, SWAN के लिए18 करोड़ और डिजिटल गवर्नेस के लिए 9 करोड़ का प्रावधान है.
खाद्य प्रसंस्करण उद्यमों को बढ़ावा देने के लिये प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना की शुरुआत की जाएगी. इसके लिए 46 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
न्यायिक प्रक्रिया को सरल और तेज़ बनाने के लिये न्यायालयों का डिजिटलीकरण होगा.इससे केसों का पारदर्शी और त्वरित निपटारा होगा.
हरिद्वार, पुरी, द्वारिका, श्रवणबेलगोला, सारनाथ, शबरीमाला, वैष्णोदेवी, स्वर्णमंदिर इत्यादि धार्मिक स्थानों की यात्रा के लिए तीर्थ यात्रा योजना कुल प्रावधान- ₹15 करोड़
अनुसूचित जनजातियों के पूजा स्थलों के “अखरा विकास” के लिये कुल प्रावधान- ₹2.5 करोड़
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत ₹26 करोड़ का बजट रखा गया है. इससे रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे.
छत्तीसगढ़ की कला को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध विष्णु सरकार आधुनिक और प्रासंगिक है. हस्तशिल्प को नया आयाम देने के लिए बेलमेटल, कोसा, टेराकोटा, बैम्बू आर्ट को बनाया जा रहा है.
दंतेवाड़ा में 250 करोड़ की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण कराया जाएगा.
विपक्ष ने बजट को बताया निराशाजनक : वहीं विपक्ष ने इस बजट को निराशा जनक बताया है.पूर्व मुख्यमंत्री एवं पाटन विधायक भूपेश बघेल के मुताबिक ये बेहद निराशाजनक बजट है. इस बजट में कुछ नहीं है, ना किसानों के लिए कोई योजना है, ना बेरोजगारों के लिए कोई योजना है और ना ही महंगाई कम करने के लिए कोई कार्ययोजना है.मोदी जी ने तो 500 रुपये में सिलेंडर देने की बात कही थी उसके लिए भी इस बजट में कुछ नहीं है.
