नई दिल्ली:- ऐसी कोई महिला नहीं है जो हमेशा जवान नहीं रहना चाहती. लेकिन जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती है, हमारे शरीर पर उम्र बढ़ने के लक्षण दिखने लगते हैं. इसलिए 30 की उम्र के बाद महिलाओं को अपने शरीर और त्वचा के स्वास्थ्य को बनाए रखने पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती है. इसके लिए सबसे जरूरी है हेल्दी डाइट जैसे कि विटामिन बी-12, सी, डी और आयरन और कैल्शियम जैसे मिनरल्स से भरपूर खाद्य पदार्थ. इन फूड आइटम्स को खाने से ओवरऑल हेल्थ को बनाए रखने में मदद मिलती है. अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक नए अध्ययन ने ऐसे छह फलों की पहचान की है जिन्हें 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को अपने दैनिक आहार में शामिल करना चाहिए…
बता दें, विटामिन सी और लिनोलिक एसिड से भरपूर और फैट और कार्बोहाइड्रेट में कम खाद्य पदार्थ स्किन को जवा बनाए रखने और उम्र बढ़ने के संकेतों को कम करने में मदद कर सकते हैं. इस अध्ययन में कहा गया है कि जो महिलाएं स्वस्थ आहार का पालन करती हैं, उन्हें अधिक स्वास्थ्य लाभ होता है. कुछ फल हड्डियों और मांसपेशियों की हानि, डायबिटीज, ब्रेस्ट कैंसर और हार्ट डिजीज को रोकने के साथ-साथ दृष्टि और त्वचा के स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी मदद कर सकते हैं. खबर के माध्यम से जानें कि महिलाओं को अपने आहार में कौन-कौन से फल शामिल करने चाहिए…
ये हैं वो 6 फल
चेरी: इसमें एंथोसायनिन नामक एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो महिलाओं में एनर्जी लेवल को बढ़ाने में मदद करते हैं. चेरी शरीर द्वारा आवश्यक विटामिनों के अवशोषण को बेहतर बनाने में भी मदद करती है. वे गठिया और गाउट जैसी बीमारियों पर काबू पाने में भी फायदेमंद हैं जो मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं में आम हैं. इसलिए, अध्ययनों का कहना है कि इसे सप्ताह में कम से कम चार बार आहार में शामिल करना महत्वपूर्ण है. अधिकतम लाभ के लिए दही के साथ चेरी खाना सबसे अच्छा है.
टमाटर: यह एक और फल है जिसे तीस साल से ज्यादा उम्र की महिलाओं को अपने आहार में ज़रूर शामिल करना चाहिए. टमाटर, बेरी परिवार का एक सदस्य है, जिसमें लाइकोपीन भरपूर मात्रा में होता है. जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि लाइकोपीन युक्त खाद्य पदार्थ खाने से महिलाओं को जवान बने रहने में मदद मिल सकती है. अध्ययन में यह भी कहा गया है कि यह कई कैंसर और फेफड़ों के कैंसर और कोलन कैंसर सहित अन्य घातक बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है.
पपीता: पपीता उन फलों की सूची में तीसरे स्थान पर है जिन्हें तीस वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को अपने आहार में शामिल करना चाहि. विटामिन ए, सी, फोलेट, विभिन्न फाइटोकेमिकल्स और पपैन से भरपूर पपीता पाचन को बेहतर बनाने और विभिन्न बीमारियों को दूर रखने में मदद कर सकता है. पपीता बीटा-कैरोटीन से भरपूर होता है, जो मधुमेह, हृदय रोग और सूजन जैसी समस्याओं के उपचार में फायदेमंद है.
अमरूद: इस लिस्ट में चौथे स्थान पर है अमरूद है. अमरूद विटामिन सी का एक समृद्ध स्रोत है. अमरूद ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने और इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने में मदद करता है. यह पोटेशियम और घुलनशील फाइबर से भरपूर होता है. ये हृदय स्वास्थ्य की रक्षा करने और हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं. यह 30 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में मासिक धर्म के दर्द को कम करने में भी फायदेमंद है.
सेब: सेब खाने से शरीर में एक्ट्ररा फैट के अवशोषण को कम करने में मदद मिलती है. इसके अलावा, इन खाद्य पदार्थों में मौजूद फाइबर पचने में अधिक समय लेता है, जिससे यह भूख को नियंत्रित करने में लाभकारी होता है. यह फैट और चीनी से भरपूर खाद्य पदार्थों की लालसा को कम करने में भी मदद करता है. सेब वजन घटाने के लिए भी फायदेमंद है. अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लिनिकल न्यूट्रिशन की एक रिपोर्ट में पाया गया कि जो महिलाएं नियमित रूप से सेब खाती हैं, उनमें अन्य महिलाओं की तुलना में कोरोनरी हृदय रोग का जोखिम 12 से 22 प्रतिशत कम होता है.
एवोकाडो: एवोकाडो में हेल्भदी फैट भरपूर मात्रा में होती है. यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और महिलाओं में हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है. एवोकाडो का नियमित सेवन त्वचा की नमी को बढ़ाता है और दिल को स्वस्थ रखता है. चूंकि इसमें ल्यूटिन भरपूर मात्रा में होता है, इसलिए यह आंखों के स्वास्थ्य की रक्षा करने में भी मदद करता है.
