नई दिल्ली:- केंद्र कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान जल्द ही हो सकता है. बढ़ा हुआ डीए जनवरी 2025 से लागू होना है. बता दें कि 8वें वेतन आयोग बनाने के फैसले को केंद्र सरकार की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है. हालांकि, इसका गठन होना बाकी है. जानकारी के मुताबिक केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग का गठन अगले महीने होने की भी उम्मीद है.
हाल ही में एक्सपेंडीचर सेक्रेटरी मनोज गोविल ने संकेत दिया था कि नया वेतन आयोग अप्रैल से अपना काम शुरू कर सकता है. ऐसे में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा 8वें वेतन आयोग के गठन से पहले हो सकती है.
8वें वेतन आयोग के लागू होने से पहले आखिरी बार बढ़ेगा DA
महंगाई भत्ते में हर साल दो बार बढ़ोतरी होती है. पिछले साल अक्टूबर में DA में 3 प्रतिश का इजाफा हुआ था, जिसके बाद यह मूल वेतन का 53 प्रतिशत हो गया था. अगर इस बार 2 फीसदी की बढ़ोतरी होती है, तो यह बढ़कर 55 फीसदी हो जाएगा.
DA में यह संभावित बढ़ोतरी 8वे वेंतन के गठन से पहले किया गया आखिरी संशोधन साबित हो सकती है. इसके बाद 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में और इजाफा होने की उम्मीद है.
कितना बढ़ सकता है महंगाई भत्ता?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बार केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते और पेंशनहोल्डर्स के डीए में 2 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है. हालांकि, अंतिम फैसला सरकार के हाथों में है. बता दें कि पिछले साल अक्टूबर में सरकार ने 3 प्रतिशत डीए बढ़ाया था. उल्लेखनीय है कि DA और पेंशन पाने वालों के लिए DR का कैलकुलेशन इंडस्ट्रियल वर्कर्स के लिए लागू कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आधार पर किया जाता है.
DA बेसिक सैलरी में शामिल होगा?
कर्मचारियों यूनियनें मांग कर रही हैं कि DA को मूल वेतन में शामिल किया जाए. 5वें पे कमीशन में डीए को मूल वेतन में शामिल किया गया था. उस दौरान यह नियम था कि DA के 50 प्रतिशत से ज्यादा हो जाने पर उसे मूल वेतन में मिला दिया जाता था. इसी नियम के तहत 2004 में सरकार ने DA को मूल वेतन में शामिल कर दिया था. हालांकि, छठे वेचन आयोगने इस नियम को खत्म कर दिया.
इसके बाद 7वें वेतनने इस नियम को फिर से लागू करने की सिफारिश की थी, लेकिन सरकार ने इसे मानने से इनकार कर दिया था. वहीं, अब कर्मचारी संगठन नए वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद इस नियम को फिर से लागू करने की मांग कर रहे हैं. ऐसे में अगर ऐसा सरकार कर्मचारियों की डिमांड को स्वीकार कर लेती है, तो उनके सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव हो सकता है.