नई दिल्ली – ईरान ने बीते कुछ महीनों में बड़ा खेल शुरू किया है. न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक बड़ी मात्रा में सोने का आयात किया है, ताकि अमेरिकी प्रतिबंधों और आर्थिक संकट से निपटा जा सके. ट्रंप प्रशासन की ‘मैक्सिमम प्रेशर’ नीति के तहत लगे नए प्रतिबंधों के कारण ईरान ने सोने को अपनी अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण साधन बनाया है.
कितना गोल्ड खरीदा ईरान ने- जनवरी 2025 तक 81 मीट्रिक टन सोने का आयात (पिछले साल से 234% अधिक).
फरवरी 2025 तक ईरान में 100 टन से ज्यादा सोने का आयात किया है. ईरान के केंद्रीय बैंक का 20% विदेशी मुद्रा भंडार अब गोल्ड में
ईरान क्यों कर रहा है सोने की खरीदारी- डॉलर से निर्भरता घटाना – अमेरिका के प्रतिबंधों के कारण ग्लोबल पेमेंट नेटवर्क से कटने के बाद ईरान डॉलर की जगह गोल्ड को एक सुरक्षित निवेश मान रहा है.
बजट घाटा पूरा करने का प्रयास – सरकार ने टैक्स बढ़ाने के बावजूद आर्थिक संकट से निपटने के लिए सोने पर दांव लगाया है.
लोकल गोल्ड प्रोडक्शन को बढ़ावा – ईरान भविष्य में स्थानीय स्तर पर सोने के उत्पादन में बढ़ोतरी की योजना बना रहा है.
ईरानी जनता भी गोल्ड खरीदने में आगे! ईरान की गिरती मुद्रा (रियाल) से बचने के लिए लोग विदेशी मुद्रा और सोने में निवेश कर रहे हैं.गोल्ड कॉइन्स की बिक्री तेज़ी से बढ़ी, केंद्रीय बैंक ने कई गोल्ड कॉइन प्री-सेल्स लॉन्च की.
सोशल मीडिया पर ‘गोल्ड इन्वेस्टमेंट स्कीम्स’ की बाढ़, सरकार भी इसे बढ़ावा दे रही है.धार्मिक मान्यताओं का असर – पिछले साल हजारों लोगों ने इस्लामी महीने सफर के 13वें दिन गोल्ड खरीदा, जिसे भाग्यशाली माना जाता है.
क्या ईरान का गोल्ड प्लान काम करेगा- कम समय के लिए हां, लेकिन लंबी अवधि में संदेह!
ईरानी अर्थशास्त्री मेहदी हगबाली के मुताबिक – गोल्ड स्टॉक बढ़ाने से महंगाई काबू नहीं होगी.
सरकार जनता को भरोसा दिलाने के लिए सोने की नीलामी कर रही है, लेकिन लोग जानते हैं कि आर्थिक हालात कमजोर हैं.फॉरेक्स रिजर्व में सोने की मात्रा बढ़ाने से व्यापार में आसानी होगी, लेकिन ईरान का फिस्कल डेफिसिट और अमेरिकी प्रतिबंध इसे ज्यादा असरदार नहीं बनने देंगे.
अमेरिका और दुनिया पर क्या असर होगा- क्या ईरान रूस से गोल्ड के बदले हथियार ले रहा है? रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने रूस से ड्रोन के बदले सोना लिया है, लेकिन सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं दी.
क्या सोने की कीमतें और बढ़ेंगी?- ग्लोबल स्तर पर गोल्ड की मांग बढ़ रही है, जिससे सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रही हैं. अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक अनिश्चितता के चलते गोल्ड निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है.
