नई दिल्ली:- ज्यादातर लोग करोड़पति बनना चाहते हैं और अपने पैसे को निवेश करने के लिए ऐसी जगह की तलाश में रहते हैं, जहां उन्हें मोटा मुनाफा मिल सके. अगर आप जानना चाहते हैं कि निवेश से आपको कितनी कमाई होगी और इनकम टैक्स के दायरे से बाहर रहना चाहते हैं, तो पब्लिक प्रोविडेंट फंड आपकी इस चिंता को दूर कर देता है.
बता दें, यह स्कीम निवेश पर अच्छा रिटर्न (PPF मैच्योरिटी कैलकुलेटर) और टैक्स सेविंग ऑप्शन देती है. अगर आप रिटायरमेंट प्लानिंग कर रहे हैं या लंबी अवधि में निवेश से अच्छी कमाई करना चाहते हैं, तो आप इस स्कीम को चुन सकते हैं. यह स्कीम PPF के नाम से ज्यादा पॉपुलर है.
पीपीएफ को अच्छा विकल्प क्यों माना जाता है
पब्लिक प्रोविडेंट फंड सबसे ज्यादा लोकप्रिय इसलिए है क्योंकि इसमें जमा किया गया पैसा, मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है. यानी इसे EEE कैटेगरी में रखा जाता है. EEE का मतलब है छूट. हर साल जमा पर टैक्स छूट का दावा करने का विकल्प होता है. हर साल मिलने वाले ब्याज पर कोई टैक्स नहीं देना होता. अकाउंट मैच्योर होने के बाद पूरी रकम टैक्स फ्री हो जाएगी.
पीपीएफ में कौन कर सकता है निवेश?
देश का कोई भी नागरिक स्मॉल सेविंग्स स्कीम में निवेश कर सकता है.
इसे पोस्ट ऑफिस या किसी भी बैंक में खोला जा सकता है.
हर वित्त वर्ष में कम से कम 500 रुपये और अधिकतम 1,50,000 रुपये निवेश किए जा सकते हैं.
ब्याज की गणना सालाना आधार पर की जाती है. हालांकि, ब्याज तिमाही आधार पर तय होता है. फिलहाल पीपीएफ पर 7.1 फीसदी ब्याज मिल रहा है.
मैच्योरिटी पीरियड 15 साल है.
स्कीम में ज्वाइंट अकाउंट खोलने की सुविधा नहीं है. हालांकि, नॉमिनी बनाया जा सकता है.
बच्चों के मामले में अभिभावक का नाम पीपीएफ अकाउंट में शामिल होता है. लेकिन, यह 18 साल की उम्र तक ही वैध रहता है.
पीपीएफ से कैसे करोड़पति बने
पीपीएफ एक ऐसी योजना है, जिसमें करोड़पति बनना आसान है. इसके लिए नियमित निवेश की जरूरत होती है. मान लीजिए आपकी उम्र 25 साल है और आपने पीपीएफ शुरू किया है. अगर आप वित्त वर्ष की शुरुआत में 1 से 5 तारीख के बीच खाते में 1,50,000 रुपये (अधिकतम सीमा) जमा करते हैं, तो अगले वित्त वर्ष की शुरुआत में सिर्फ ब्याज से 10,650 रुपये जमा होंगे. मतलब, अगले वित्त वर्ष के पहले दिन आपका बैलेंस 1,60,650 रुपये होगा.
अगले साल फिर से ऐसा ही करने पर अकाउंट बैलेंस 3,10,650 रुपये हो जाएगा. फिर से 1,50,000 रुपये जमा होंगे और फिर पूरी रकम पर ब्याज मिलेगा. इस बार ब्याज की रकम 22,056 रुपये होगी. क्योंकि, यहां कंपाउंड इंटरेस्ट का फॉर्मूला काम करता है. अब मान लीजिए कि पीपीएफ मैच्योरिटी के 15 साल पूरे हो गए हैं, तो आपके खाते में 40,68,209 रुपये होंगे. इसमें कुल जमा राशि 22,50,000 रुपये होगी और 18,18,209 रुपये सिर्फ ब्याज से मिलेंगे.
