नई दिल्ली:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट बैठक में BHIM-UPI प्रोत्साहन योजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत UPI पेमेंट कराने वाले छोटे दुकानदारों को इंसेंटिव मिलता है। मोदी सरकार यूपीआई इंसेंटिव स्कीम 31 मार्च 2026 तक के लिए बढ़ा दी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस पर 1,500 करोड़ खर्च करेगी।
मोदी कैबिनेट में पारित प्रस्ताव के मुताबिक, प्रोत्साहन योनजा 2,000 रुपए तक के UPI पेमेंट पर लागू होगी। छोटे दुकानदारों को 2,000 तक के हर पेमेंट पर 0.15% इंसेंटिव मिलेगा। कोई ग्राहक 1000 रुपए का सामान खरीदता है और UPI से बिल भुगतान करता है तो दुकानदार को 1.5 रुपए इंसेंटिव दिया जएगा। बैंकों को भी इंसेंटिव मिलेगा।
बैंकों को भी मिलेगा इंसेंटिव
छोटे दुकानदारों के अलावा बैंकों को भी डिजिटल पेमेंट पर इंसेंटिव दिया जाएगा। 80% राशि तुरंत मिल जाएगी, लेकिन 20% राशि तकनीकी समस्या 0.75% से कम और सिस्टम अपटाइम 99.5% से ज्यादा होने पर मिलेगा।
भीम यूपीआई प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य वित्तीय लेनदेन में पारदर्शिता और सुगमता को बढ़ावा देना है। दुकानदारों को काफी आसानी होगी। पैसे सीधे उसनके बैंक खाते में जाएंगे।
बिना अतिरिक्त खर्च के वह UPI सर्विस का लाभ ले सकेंगे। डिजिटल लेन-देन का रिकॉर्ड बनेगा, इससे नफा-नुकसान के कल्कुलेशन में आसानी होगी। ग्राहकों को भी खुल्ले की समस्या नहीं होगी।
मोदी सरकार डिजिटल पेमेंट को लगातार बढ़ावा दे रही है। पहले RuPay डेबिट कार्ड और BHIM-UPI लेनदेन से मर्चेंट डिस्काउंट रेट 0 कर दिया। अब, इंसेंटिव स्कीम से दुकानदारों को इसके लिए प्रोत्साहित कर रही है।
मोदी सरकार 2024-25 में 20,000 करोड़ का लेन-देन और पेमेंट सिस्टम ठीक रखने वालों की मदद करना चाहती है। साथ ही गांव से शहर तक UPI फैलाना चाहती है।
