नई दिल्ली:– नरेंद्र मोदी सरकार की कई ऐसी योजनाएं हैं जिसका फायदा अलग-अलग वर्ग को मिल रहा है। ऐसी ही एक योजना प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) है। इस योजना को लेकर केंद्रीय मंजूरी और निगरानी समिति (सीएसएमसी) की बैठक हुई है। इस बैठक में 3.53 लाख से अधिक घरों के निर्माण के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। बता दें कि सरकार इस योजना के तहत राहत देती है।
किन राज्यों में मिली मंजूरी
पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 10 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों- आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश में कुल 3,52,915 लाख घरों को मंजूरी दी गई। योजना के अंतर्गत 20 मार्च 2025 को स्वीकृत घरों में से महिलाओं के लिए 2.67 लाख से अधिक घर स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें एकल महिलाएं और विधवाएं शामिल हैं। इसके साथ ही 90 घर ट्रांसजेंडरों को आवंटित किए गए हैं।
दिलचस्प बात यह है कि पीएमएवाई-यू 2.0 के अंतर्गत राज्य के हिस्से के अलावा उत्तर प्रदेश सरकार प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक लाभार्थी (जो 70 वर्ष से अधिक उम्र के हैं) को 30,000 रुपये और प्रत्येक अविवाहित महिला (40 वर्ष से अधिक उम्र), विधवा और अलग रह रही महिला लाभार्थी को 20,000 रुपये प्रदान कर रही है।
चार वर्टिकल के जरिए लागू
पीएमएवाई-यू 2.0 को चार वर्टिकल के माध्यम से लागू किया जा रहा है। ये 4 माध्यम- लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी), भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी), किफायती किराया आवास (एआरएच) और ब्याज सब्सिडी योजना (आईएसएस) हैं। पात्र लाभार्थी अपनी पसंद और पात्रता के अनुसार किसी भी एक वर्टिकल के अंतर्गत लाभ उठा सकते हैं।
₹2.50 लाख की मदद
इस योजना के अंतर्गत ₹10 लाख करोड़ के निवेश के साथ ₹2.30 लाख करोड़ की सरकारी सहायता दी जाएगी। ईडब्ल्यूएस/एलआईजी/एमआईजी सेगमेंट से संबंधित परिवार, जिनके पास देश में कहीं भी पक्का घर नहीं है, वे पीएमएवाई-यू 2.0 के अंतर्गत घर खरीदने या बनाने के पात्र हैं। प्रत्येक आवास इकाई के लिए ₹2.50 लाख की केंद्रीय सहायता प्रदान की जाती है।
