नई दिल्ली :– केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार यानी 23 मार्च को सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि भारत में सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं, जो एक गंभीर समस्या है। न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए उन्होंने बताया कि सड़क पर चलते वक्त नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है ताकि हादसों को रोका जा सके।
रिजिजू ने यह बात दिल्ली में आयोजित “पार्लियामेंटेरियंस कार रैली 2025” में कही। यह कार्यक्रम संविधान क्लब ऑफ इंडिया में हुआ, जिसमें कई केंद्रीय मंत्री और सांसद शामिल हुए। इससे पहले केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने बताया था कि भारत में हर साल करीब 4.8 लाख सड़क हादसे होते हैं। इनमें 1.8 लाख लोग मर जाते हैं और 4 लाख लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं। उन्होंने कहा कि मरने वालों में 1.4 लाख लोग 18 से 45 साल की उम्र के होते हैं। खासकर बाइक सवार और पैदल चलने वाले लोगों को ज्यादा खतरा रहता है।
जीडीपी का 3% हिस्सा हो रहा नुकसान
नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि इन हादसों से देश को हर साल अपनी जीडीपी का 3% हिस्सा नुकसान होता है। उनका मानना है कि सड़कों की खराब प्लानिंग और डिजाइन की वजह से हादसे बढ़ रहे हैं। इसके लिए उन्होंने इंजीनियरों को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि प्रोजेक्ट रिपोर्ट्स भी ठीक नहीं बनाई जा रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 2030 तक सड़क हादसों को 50% तक कम किया जाए।
रिजिजू ने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए सरकार और उद्योगों को मिलकर काम करना होगा। नए तरीकों से रणनीति बनानी होगी ताकि सड़कें सुरक्षित हों। उन्होंने पढ़ाई और ट्रेनिंग पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि लोगों को सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूक करना जरूरी है और सड़कों को बेहतर बनाने की ट्रेनिंग भी दी जानी चाहिए। यह सब मिलकर हादसों को कम करने में मदद करेगा। रिजिजू का यह बयान बताता है कि सरकार इस समस्या को गंभीरता से ले रही है और इसे हल करने के लिए कोशिश कर रही है।
