नई दिल्ली:– हिंदू धर्म में नवरात्रि का खास महत्व होता है इसमें शारदीय नवरात्रि और चैत्र नवरात्रि दोनों अहम स्थान रखती है। 30 मार्च से इस बार चैत्र नवरात्रि की शुरुआत हो रही है जो सबसे खास दिन होने वाले है। चैत्र नवरात्रि में माता दुर्गा की आराधना की जाती है और माता को प्रसन्न करने के लिए उपाय किए जाते है। आपने बचपन से ही औषधीय गुणों से भरपूर नीम के पेड़ के बारे में जाना है।
नीम के पेड़ का खास महत्व चैत्र नवरात्रि के दिन भी होता है कहते हैं माता की पूजा में नीम का होना जरूरी है। इसके लिए नवरात्रि में नीम के पेड़ के पत्तों से बने बंदनवार भी बहुत शुभ माने जाते हैं। इसे आप लगाते है तो कई तरह से फायदेमंद होता है।
जानिए क्या है नीम बंदनवार की परंपरा
चैत्र नवरात्रि के दौरान नीम बंदनवार यानि नीम के पत्तों से बने बंधनवार को घर के मुख्य दरवाजे पर बांधा जाता है। इसे लेकर मान्यता में कहा गया है कि, नीम के बंदनवार में खुद हनुमान जी विराजित होते हैं, इसलिए पूजा से पहले बंदनवार को बांधना बहुत जरूरी है। कहते हैं इस नीम बंधनवार को आप मुख्यद्वार पर बांधते है तो, पूजा-पाठ के दौरान नकारात्मक शक्तियां नहीं आती है। यहां पर नीम बंदनवार में दरअसल हनुमान जी का वास होता है इसलिए वे घर और आपकी रक्षा करते है। इसके अलावा नीम बांधने से निगेटिविटी दूर होने के अलावा सौभाग्य की प्राप्ति होती है।घर का कोई सदस्य किसी भी तरह की बीमारी से पीड़ित नहीं रहता है। गर्मी के मौसम में शरीर पर एलर्जी या रैशेज होते है तो नीम से नहाने का फायदा मिलता है।
जानिए कैसे तैयार करें नीम के पत्तों का बंदनवार
यहां पर चैत्र नवरात्रि में पूजा के दौरान नीम के पत्तों का बंदनवार बनाना चाहिए इसे आप खास टिप्स की सहायता से बना सकते है जो इस प्रकार है…
नीम के पत्तों को टहनी सहित तोड़ लें।
टहनी या पत्ते को गुच्छों में रख लें। आप नीम के पत्तों का 5, 7, 9 या 11 गुच्छा बनाकर रख लें।
उसके बाद घर मुख्य द्वार के नाम के हिसाब से धागे में सभी गुच्छों को 4-5 इंच की दूरी पर बांधे।
फिर उसको बांधने के बाद इसको साफ बर्तन में रख पूजा करें।
पूजा करते समय हनुमान जी से प्रार्थना करें। उनसे कहें कि वह बंदनवार में विराजित हों।
पूजा के बाद बंदनवार को आप घर के मुख्य द्वार पर बांध सकते हैं।
