नई दिल्ली:– भाजपा नेता मनीष कश्यप छपरा आने वाले हैं। यहां आने से पहले वो बीजेपी पार्टी से इस्तीफा देंगे। लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान वह भाजपा में शामिल हुए थे। गौरतलब है कि सारण जिला प्रशासन ने 11 यूट्यूब चैनल पेज पर FIR दर्ज किया गया है। इसमें मनीष कश्यप का नाम भी शामिल है। इन पर एकपक्षीय खबर चलाने का आरोप है और सारण पुलिस की साइबर सेल ने 11 सोशल मीडिया पेज पर कार्रवाई की है। इस मामले में कई लोगों को अज्ञात भी रखा गया है। आइए जानते हैं कि मनीष कश्यप पर बीएनएस के किन धाराओं में केस दर्ज हुआ है।
जिला प्रशासन ने विज्ञप्ति जारी करके बताया है कि सारण साइबर थाना ने सोशल मीडिया मॉनिटरिंग के दौरान ये देखा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बिना वैध लाइसेंस दस्तावेज के स्वघोषित कतिपय सोशल मीडिया एवं फेसबुक के संचालकों द्वारा पोस्ट वायरल किया जा रहा है। इसमें भ्रामक, एक पक्षीय तथा खबरों को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। साथ ही फेक न्यूज और झूठी बातें फैलायी जा रही है।
इन मामलों में केस दर्ज
प्रशासन के बयान के मुताबिक इन मीडिया चैनल के फैलाए हुए झूठी खबरों से लोक शान्ति एवं कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती उत्पन्न हो रही है। इस वजह से समाज में अराजकता एवं अव्यवस्था उत्पन्न हो सकती है और समाजिक शांति भंग हो सकती है। इस संबंध में 11 सोशल मीडिया प्रोफाइल / पेज एवं कुछ अज्ञात चैनलों पर साइबर थाना कांड सं0- 85/25, दिनांक-25.03.25, धारा 353 (1) (बी), 352 (2) बीएनएस और 67 आइटी एक्ट दर्ज किया गया
कितने साल की हो सकती है जेल
धारा 353(1)(बी), बीएनएस
अपराध: सोशल मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ऐसी सामग्री फैलाना, जो समाज में अशांति, भय या नफरत पैदा करे।
सजा: 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों।
धारा 352(2), बीएनएस
अपराध: आपराधिक धमकी देना, यानी किसी को डराने या नुकसान पहुंचाने की धमकी देना।
सजा: 2 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों।
धारा 67, आईटी एक्ट
अपराध: इंटरनेट या सोशल मीडिया पर अश्लील, आपत्तिजनक या गैरकानूनी सामग्री फैलाना।
सजा: पहली बार अपराध करने पर: 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये तक जुर्माना।
दूसरी बार या बार-बार करने पर: 5 साल तक की जेल और 10 लाख रुपये तक जुर्माना।
