नई दिल्ली:– राम नवमी का पर्व चैत्र नवरात्र के आखिरी दिन मनाया जाता है। ऐसे में इस बार रामनवमी 06 अप्रैल को मनाई जा रही है। इस दिन पर भक्त बहुत ही भक्ति भाव के साथ भगवान राम की पूजा-अर्चना करते हैं।
राम नवमी के शुभ अवसर पर ऐसे कई योग बन रहे हैं, जिन्हें ज्योतिष शास्त्र की दृष्टि से काफी शुभ माना गया है। साथ ही इस मुहूर्त पर ध्यान, जप-तप और यज्ञ आदि करना काफी शुभ माना जाता है।
रामनवमी का शुभ मुहूर्त
चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि का प्रारम्भ 05 अप्रैल को शाम 07 बजकर 26 मिनट पर हो रहा है। वहीं यह तिथि 06 अप्रैल को शाम 07 बजकर 22 मिनट तक रहने वाली है। ऐसा माना जाता है कि भगवान राम का जन्म मध्याह्न मुहूर्त में हुआ था, ऐसे में इस दिन पर यह मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाले हैं –
राम नवमी मध्याह्न मुहूर्त – सुबह 11 बजकर 25 मिनट से दोपहर 01 बजकर 54 मिनट
राम नवमी मध्याह्न का क्षण – दोपहर 12 बजकर 40 मिनट पर
बन रहे हैं ये शुभ योग
रवि पुष्य योग – सुबह 06 बजकर 27 मिनट से 07 अप्रैल सुबह 06 बजकर 25 मिनट तक
सर्वार्थ सिद्धि योग – सुबह 06 बजकर 27 मिनट से 07 अप्रैल सुबह 06 बजकर 25 मिनट तक
रवि योग – पूरे दिन
अन्य शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त – प्रातः 04 बजकर 54 मिनट तक प्रातः 05 बजकर 41 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त – दोपहर 12 बजकर 15 मिनट से दोपहर 01 बजकर 05 मिनट तक
जरूर करें ये काम
भगवान राम की पूजा के दौरान उन्हें मिठाई, केसर भात, पंचामृत, धनिया पंजीरी आदि का भोग जरूर लगाएं। इसी के साथ राम जी की कृपा के लिए रामनवमी के दिन सुंदरकांड या श्री रामचरितमानस का अखंड पाठ भी कर सकते हैं। पूजा के बाद हनुमान चालीसा का पाठ भी जरूर करें। इस दिन पर आपको श्री रामरक्षा स्तोत्र का भी पाठ करने से भी उत्तम फल मिलता है।
