रायपुर:– वक्फ संशोधन विधेयक संसद से पारित हो चुका है और अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधेयक कानून का रूप ले लेगा। इस नए कानून के लागू होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या छत्तीसगढ़ में वक्फ संपत्तियों पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जे हट सकेंगे?
प्रदेश में वक्फ बोर्ड के पास 7000 से अधिक संपत्तियां हैं, जिनका मूल्य 5000 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है। इनमें मस्जिद, कब्रिस्तान, मजार, दरगाह, मकबरा, ईदगाह, मदरसे, स्कूल और कॉलेज शामिल हैं। चिंता की बात यह है कि इनमें से 80 प्रतिशत संपत्तियां अवैध कब्जे में हैं।
कब्जों को लेकर वक्फ बोर्ड की सक्रियता
संसद में वक्फ संशोधन विधेयक के पारित होने के साथ ही प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने मुतवल्लियों (संपत्तियों के संरक्षकों) को पत्र लिखकर संपत्तियों की जानकारी मांगी है। हालांकि, अब तक पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है। बोर्ड के अनुसार, लगभग 70 प्रतिशत वक्फ संपत्तियों की जानकारी प्राप्त हो चुकी है और जिन संपत्तियों पर कब्जे की सूचना मिली है, वहां नोटिस जारी किए गए हैं।
क्या नया कानून करेगा असर?
वक्फ संशोधन विधेयक के लागू होने से वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और अवैध कब्जों को हटाने में सहायता मिलने की उम्मीद की जा रही है। यह कानून मुतवल्लियों की जवाबदेही तय करेगा और वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन में मदद करेगा।
