नई दिल्ली:- आज के आधुनिक युग में, जहां शिक्षा और जागरूकता का स्तर बढ़ रहा है, शादी जैसे महत्वपूर्ण विषय में भी जातिगत भेदभाव देखने को मिलता है. भले ही लोग कितने भी पढ़े-लिखे हों, आज भी ज्यादातर लोग अपनी ही जाति में विवाह करना पसंद करते हैं. हालांकि समय के साथ अंतरजातीय विवाह की संख्या बढ़ रही है, लेकिन अभी भी यह आम बात नहीं है. जाति के इस भेदभाव को खत्म करने और अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहन देने के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक विशेष योजना चलाई जा रही है. इस योजना के तहत अंतरजातीय विवाह करने वाले नव दंपति को सरकार की तरफ से 2.5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाती है. हालांकि, इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें भी हैं. आइए इस योजना के बारे में विस्तार से जानते हैं.
क्या है स्कीम
इस स्कीम का नाम है “Dr. Ambedkar Scheme for Social Integration through Inter-Caste Marriages” जिसे डॉक्टर अंबेडकर फाउंडेशन के नाम से भी जाना जाता है. इस योजना के तहत, यदि कोई युवक या युवती जो दलित समुदाय में नहीं आता, लेकिन दलित समुदाय के सदस्य से अंतरजातीय विवाह करता है, तो उसे केंद्र सरकार की तरफ से ढाई लाख रुपए की आर्थिक मदद दी जाती है. इस योजना की शुरुआत कांग्रेस सरकार ने साल 2013 में की थी, और यह आज भी सरकार द्वारा चलाई जा रही है.
क्या हैं शर्तें
विवाह करने वाले जोड़े में एक दलित समुदाय का होना चाहिए और दूसरा दलित समुदाय से बाहर का.
योजना का लाभ तभी मिल सकता है जब कपल ने अपनी शादी को हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के तहत रजिस्टर करवाया हो.
यह योजना केवल पहली शादी करने वालों के लिए है.
आवेदन भरकर शादी के एक साल के अंदर डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन को भेजना होता है.
अगर अंतरजातीय विवाह करने पर नवदंपति को केंद्र सरकार या राज्य सरकार की तरफ से किसी तरह की आर्थिक सहायता पहले मिल चुकी है, तो उस राशि को इस ढाई लाख रुपए की धनराशि से घटा दिया जाएगा.
2.50 लाख की राशि में से 1.50 लाख रुपये RTGS/NEFT के जरिए दंपति के जॉइंट अकाउंट में ट्रांसफर किए जाते हैं और शेष राशि को 3 साल की अवधि के लिए फाउंडेशन में फिक्स्ड डिपॉजिट में रखा जाता है. यह राशि फाउंडेशन द्वारा प्रोत्साहन की मंजूरी के 3 वर्षों बाद उस पर अर्जित ब्याज के साथ दंपति को दी जाती है.
कैसे करें आवेदन
केंद्र सरकार की इस स्कीम का लाभ लेने के लिए, यदि आप भी पात्र हैं, तो आपको इसका लाभ लेने के लिए अपने क्षेत्र के सांसद या विधायक की सिफारिश के साथ आवेदन को भरने के बाद डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन में भेजना होगा. आप इस आवेदन को जिला प्रशासन या राज्य सरकार के पास भी भेज सकते हैं. इसके बाद जिला प्रशासन या राज्य सरकार की ओर से उसे डॉ. अंबेडकर फाउंडेशन में भेज दिया जाता है. अधिक जानकारी के लिए, आप ambedkarfoundation.nic.in पर जा सकते हैं. वेबसाइट में स्कीम्स सेक्शन में आपको इस स्कीम से जुड़ी जानकारी मिल जाएगी. आवेदन करने के लिए फॉर्म भी यहां से मिल जाएगा.
किन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
हिंदू मैरिज एक्ट 1955 के तहत शादी रजिस्टर करने के बाद जारी मैरिज सर्टिफिकेट होना जरूरी है.
आवेदन के साथ कपल में से जो भी दलित समुदाय का है, उसका जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य है.
ऐसा डॉक्यूमेंट भी लगाना होगा, जिससे ये पता चले कि कपल की पहली शादी है.
आवेदन के साथ कानूनी रूप से विवाहित होने का हलफनामा जरूर.
आय प्रमाण पत्र और जॉइंट बैंक अकाउंट की डिटेल्स देना जरूरी है.