नई दिल्ली:- केंद्रीय मंत्रिमडल ने तीन राज्यों को कवर करने वाली चार प्रमुख रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है.परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 18,658 करोड़ रुपये है और इन्हें 2030-31 तक पूरा किया जाएगा. इन परियोजनाओं से निर्माण के दौरान लगभग 379 लाख मानव-दिवसों के लिए प्रत्यक्ष रोजगार भी पैदा होगा.
क्या है उद्देश्य: लाइन क्षमता बढ़ाने के लिए, भारतीय रेलवे ने इन परियोजनाओं को शुरू करने की योजना बनाई है, जिसका उद्देश्य यात्रियों और माल दोनों का निर्बाध और तेज परिवहन सुनिश्चित करना है. कोयला, लौह अयस्क और अन्य खनिजों के लिए प्रमुख मार्गों पर लाइन क्षमता बढ़ाकर लॉजिस्टिक दक्षता को बढ़ाना है.
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को बताया कि तीन राज्यों छत्तीसगढ़,महाराष्ट्र और ओडिशा के 15 जिलों को कवर करने वाली चार परियोजनाओं से मौजूदा भारतीय रेलवे नेटवर्क में लगभग 1,247 किलोमीटर की वृद्धि होगी.
ये हैं परियोजनाएं
खरसिया-नया रायपुर-परमलकासा पांचवीं और छठी लाइन
गोंदिया-बल्हारशाह दोहरीकरण
संबलपुर-जरापदा तीसरी और चौथी लाइन
झारसुगुड़ा-सासन तीसरी और चौथी लाइन
रेलवे और लोगों को फायदा:
बढ़ी हुई लाइन क्षमता से स्पीड बढ़ेगी.
यात्रा सुविधा में सुधार होगा
लॉजिस्टिक लागत में कमी आएगी
तेल आयात में कमी आएगी
CO2 उत्सर्जन में कमी आएगी
टिकाऊ और कुशल रेल संचालन को बढ़ावा मिलेगा
19 नए स्टेशन: इन परियोजनाओं के साथ, 19 नए स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा, जिससे दो आकांक्षी जिलों छत्तीसगढ़ में राजनांदगांव, महाराष्ट्र में गढ़चिरौली से कनेक्टिविटी बढ़ेगी. मल्टीट्रैकिंग परियोजना से करीब 3350 गांवों और लगभग 47.25 लाख लोगों तक कनेक्टिविटी बढ़ेगी.
खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा, बलौदा बाजार जैसे नए क्षेत्रों को सीधी कनेक्टिविटी देगा, जिससे क्षेत्र में सीमेंट संयंत्रों सहित नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की संभावनाएं पैदा होंगी.
ये कृषि उत्पादों, उर्वरक, कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट, चूना पत्थर जैसी वस्तुओं के परिवहन के लिए आवश्यक मार्ग हैं. करीब 88.77 MTPA की अतिरिक्त माल ढुलाई होगी.
