नई दिल्ली:- भारत सरकार ने देश के नागरिकों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें से एक महत्वपूर्ण योजना है – आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना. यह योजना न केवल एक स्वास्थ्य बीमा योजना है, बल्कि एक सामाजिक क्रांति भी है, जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करती है.
योजना का उद्देश्य
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब और कमजोर परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच प्रदान करना है. यह योजना ऐसे परिवारों को द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं के लिए वित्तीय सुरक्षा प्रदान करती है, जो आर्थिक अभाव के कारण अक्सर इन सेवाओं से वंचित रह जाते हैं.
योजना की शुरुआत और कवरेज
इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत 23 सितंबर 2018 को हुई थी. PM-JAY के तहत, प्रत्येक पात्र परिवार को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है. यह कवर परिवार के किसी भी सदस्य को अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में कैशलेस उपचार प्रदान करता है.
योजना की व्यापकता
प्रधानमंत्री ने PM-JAY की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए कहा था कि इसमें कैंसर और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों सहित लगभग 1300 विभिन्न बीमारियों को शामिल किया गया है. यह योजना न केवल सरकारी अस्पतालों, बल्कि निजी अस्पतालों में भी लागू है, जिससे लाभार्थियों के पास उपचार के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध हैं.
लाभार्थियों की पहचान और कार्ड वितरण
इस योजना का लाभ उन परिवारों को मिलेगा जो सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना 2011 में चिह्नित किए गए हैं.
योजना के तहत लाभार्थियों को एक विशेष कार्ड भी दिया जाता है, जिसमें एक क्यूआर कोड होता है. यह क्यूआर कोड लाभार्थी की पहचान सुनिश्चित करता है और उन्हें सूचीबद्ध अस्पतालों में कैशलेस उपचार प्राप्त करने में मदद करता है.
योजना की जानकारी और सहायता
देश भर में इस योजना के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए 2.50 लाख से अधिक कॉमन सर्विस सेंटर स्थापित किए गए हैं. इसके अतिरिक्त, नेशनल हेल्थ एजेंसी ने अस्पतालों में 14,000 से अधिक “आरोग्य मित्र” तैनात किए है. ये आरोग्य मित्र हर समय लाभार्थियों की सहायता के लिए उपलब्ध रहते हैं, और उन्हें योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी या सहायता प्रदान करते हैं.