नई दिल्ली:- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 9 अप्रैल को यू-टर्न लेते हुए 75 से अधिक देशों के लिए उच्च टैरिफ से 90 दिनों की राहत की घोषणा की, जबकि उन्होंने चीन के खिलाफ अपने हमले को दोगुना कर दिया, जिससे वैश्विक शेयर बाजारों को भारी बढ़ावा मिला.
ट्रंप ने कहा कि मैंने 90 दिनों के लिए रोक लगाने की अनुमति दी है, औऱ इस अवधि के दौरान पारस्परिक टैरिफ में भी 10 फीसदी की कमी की है, जो तत्काल प्रभाव से लागू होगा.
ट्रंप का यह कदम 56 देशों और यूरोपीय संघ पर उच्च शुल्क लागू होने के लगभग 13 घंटे बाद आया, जिससे बाजार में उथल-पुथल मच गई और मंदी की आशंकाएं बढ़ गईं.
अभी टैरिफ रेट क्या है?
ट्रंप ने लिबरेशन डे (3 अप्रैल) पर घोषणा की थी कि वह 9 अप्रैल से उन देशों पर टैरिफ लगाएंगे जो अनुचित व्यापार प्रथाओं में लिप्त हैं और जिनका अमेरिका के साथ बड़ा घाटा है. घोषित शुल्क अमेरिका में आने वाले सभी सामानों पर 10 फीसदी के बेसलाइन पारस्परिक टैरिफ के अतिरिक्त थे. ट्रंप ने इस 10 प्रतिशत टैरिफ दर को नहीं हटाया है और यह अमेरिका में आयात किए जाने वाले सभी सामानों पर लागू होगा.
चीन के बारे में क्या?
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले चीनी वस्तुओं पर 20 फीसदी टैरिफ लगाया था, जिसे 3 अप्रैल को 34 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ के साथ बढ़ा दिया गया था. बाद में बीजिंग ने अमेरिकी वस्तुओं पर 34 फीसदी शुल्क लगाकर जवाब दिया. जवाब में ट्रंप ने इसे 84 फीसदी और बाद में 104 फीसदी तक ले जाने के लिए एक और 50 फीसदी टैरिफ की घोषणा की. 9 अप्रैल को ट्रंप ने विराम की घोषणा करते हुए, दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था पर 125 फीसदी टैरिफ की घोषणा की. वर्तमान में अमेरिकी वस्तुओं पर चीन का टैरिफ 84 फीसदी है.
टैरिफ क्यों रोके गए?
पिछले कुछ दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति पर निवेशकों और व्यापार जगत के नेताओं की ओर से टैरिफ कम करने या हटाने का बहुत दबाव रहा है. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट और वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक के साथ चर्चा में पिछले कुछ दिनों में अपने टैरिफ कम करने के बारे में सोचा था, और यह निर्णय आज सुबह ही लिया गया.
जब बुधवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से पूछा गया कि उन्होंने टैरिफ क्यों वापस ले लिया, तो ट्रंप ने कहा कि मुझे लगा कि लोग थोड़ा हद से ज्यादा आगे बढ़ रहे है.
सीएनएन के अनुसार व्हाइट हाउस पर बढ़ती आलोचना का जिक्र करते हुए ट्रंप ने कहा कि वे थोड़े चिड़चिड़े हो रहे थे, थोड़े डरे हुए थे.