
दिवाली से पहले ही महंगाई ने आम आदमी का दिवाला निकाल दिया है. बढ़ती क़ीमतों के कहर से देश का कोना-कोना कराह रहा है. देश का हर हिस्सा तड़प रहा है. हर शख्स परेशान है क्योंकि दिवाली से पहले आम आदमी पर आज एक बार फिर महंगाई की दोहरी मार पड़ी है. आज पेट्रोल-डीजल और कमर्शियल सिलेंडर के दामों में एक साथ बढ़ोतरी हुई है.
आज लगातार छठे दिन पेट्रोल और डीजल की कीमत में इजाफा हुआ है. पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम 35-35 पैसे प्रति लीटर और बढ़ाए गए हैं. 31 दिनों में 24 बार पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हुआ है. इस साल 4 मई के बाद 45वीं बार तेल की कीमतें बढ़ीं. मई 2020 से अबतक पेट्रोल के दाम 37.38 रुपये बढ़े. डीजल में 27.98 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई. देश के हर राज्य में पेट्रोल की औसत कीमत 110 रुपये. श्रीगंगानगर में तो पेट्रोल के दाम 122 रु प्रति लीटर तक पहुंच गए हैं. बाजार के हवाले हो चुके पेट्रोल-डीजल के दाम से पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त हो गए हैं.
यही नहीं दिवाली से पहले कॉमर्शियल सिलेंडर के दामों में भारी बढ़ोतरी हुई है जिससे एक साथ दो दो महंगाई बम फूटा है. अब मुंबई को छोड़कर तीन महानगरों में कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत दो हजार रुपये के पार है. पेट्रोल-डीजल और कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ते ही मिठाई की दुकान से लेकर रसोई तक में इसका असर दिखने लगा है.लोग परेशान हैं और पूछ रहे हैं कि जेब है खाली तो कैसे मनाएं दिवाली.
हर चीज की कीमतें आसमान छू रही हैं, किचन से लेकर सड़क तक कीमतों ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है. किचन में सब्जी से लेकर दाल और यहां तक खाने की हर चीज की कीमतें कई गुना बढ़ चुकी हैं. सब्जी और फलों के दाम भी आसमान पर हैं. लेकिन सब पर भारी पड़ रहा है सरसों का तेल.आप सरसों के तेल के जरिए समझिए.. कि कैसे किचन का ये जरूरी सामान घी से होड़ लगा रहा है.हर घर के किचन के लिए ज़रूरी सरसों तेल ने आम आदमी के खाने का स्वाद बिगाड़ दिया है.
पेट्रोल…डीजल की हर दिन बढ़ती कीमत और ऊपर से रसोई गैस की मार सबने मिलकर आम लोगों पर महंगाई का ऐसा जोरदार प्रहार किया है कि मुसीबत और बड़ी हो गई है. दिवाली के त्योहारी मौसम में पूरा देश कराह रहा है और रिकॉर्ड महंगाई ने जीना मुहाल कर दिया है. लेकिन सबसे ज्यादा परेशान कर रहा है सरसों तेल. जो रेट में घी को टक्कर देने को तैयार है.