नई दिल्ली:- बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की दिल्ली एम्स में सफल सर्जरी होने के बाद तबीयत में सुधार हुआ है. उनके हाथ और पीठ के जख्म अभी भर रहे हैं. डॉक्टरों के अनुसार डायबिटीज के कारण जख्म भरने समय लग रहा है. अब पहले से उनकी तबियत ज्यादा अच्छी है. दो से तीन दिन में उनको एम्स से छुट्टी मिल सकती है.
बता दें लालू यादव के हाथ और पीठ के जख्म नहीं भर रहे थे, जिसकी वजह से उनकी सर्जरी करनी पड़ी. तीन अप्रैल को सर्जरी के बाद उन्हें पांच अप्रैल को आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया था. गौरतलब है कि लालू यादव डायबिटीज के मरीज हैं. इस वजह से उनको अभी डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है.
2-3 दिन में हो सकते हैं डिस्चार्ज: साथ ही सर्जरी के बाद उनकी रिकवरी जल्दी हो और डायबिटीज की वजह से रिकवरी में देर ना लगे इसलिए इंसुलिन के इंजेक्शन भी उन्हें दिए जा रहे हैं. उनकी हालत स्थिर है. बता दें कि लालू प्रसाद यादव की तकलीफ बढ़ने के बाद उन्हें दो अप्रैल को दिल्ली एम्स में भर्ती कराया गया था. पटना में इलाज के दौरान आराम न मिलने पर उन्हें दिल्ली एम्स रेफर किया गया था. दो अप्रैल रात को करीब 10 बजे उन्हें एम्स के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती किया गया था.
2 अप्रैल को एम्स में भर्ती कराया गया था: प्राप्त जानकारी के अनुसार अधिक डायबीटीज बढ़ने पर उनके पांव और पीठ में घाव हो गया था. उसका इलाज पटना में शुरू किया गया था. लेकिन आराम न मिलने के चलते डॉक्टर ने उन्हें एम्स जाने की सलाह दी थी. दो अप्रैल सुबह ही वह जांच के लिए दिल्ली रवाना होने वाले थे, उस दौरान उनकी तबियत बिगड़ गई थी. उन्हें तुरंत पटना में ही पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया था. पूरे दिन डॉक्टरों की सघन निगरानी में रहने के बाद देर शाम वह दिल्ली एम्स के लिए रवाना हो गए थे.
बता दें, कि लालू प्रसाद यादव की किडनी प्रत्यारोपण और हार्ट सर्जरी भी हो चुकी है. दिल्ली एम्स की लाल बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर उन्हें भर्ती कराया गया था. डॉक्टर राकेश यादव के नेतृत्व में उनका इलाज शुरू हुआ था. 76 वर्षीय लालू लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं. 2024 में मुंबई में उनकी एंजियोप्लास्टी हुई थी. 2022 में सिंगापुर में किडनी प्रत्यारोपण हुआ था. उसके बाद RJD चीफ की सक्रियता कुछ बढ़ी भी थी लेकिन बढ़ती उम्र उन्हें बीमारियों से उबरने नहीं दे रही. 2014 में उनकी ओपन हार्ट सर्जरी भी हुई थी.