नई दिल्ली:– जिन राज्यों में चुनाव होने हैं। वहां पर भाजपा की ओर से स्वयं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मोर्चा संभालने का कार्य करेंगे। वह हर सप्ताह एक चुनावी राज्य का दौरा करेंगे। जिससे वहां पर चुनावी अभियान को लेकर जमीनी स्थिति का बेहतर आकलन हो पाए। उसके अनुरूप रणनीति तैयार की जा सके। सूत्रों के मुताबिक भाजपा के चाणक्य कहे जाने वाले अमित शाह ने जो रणनीति बनाई है।
रणनीति के मुताबिक, गृह मंत्री अमित शाह हर सप्ताह एक चुनावी राज्य में जाएंगे। वहां पर कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। उनसे जमीनी फीडबैक लेने के बाद संगठन के पदाधिकारियों से मिलेंगे। जिससे उनकी ओर से दिये जाने वाले माहौल का मिलान कार्यकर्ताओं के फीडबैक से करने के बाद वह आगे की रणनीति तय कर पाएं।
बिहार, बंगाल और तमिलनाडु पर होगा विशेष फोकस
यह बताया जा रहा है कि अमित शाह ने इस समय तक सबसे कठिन श्रेणी में तमिलनाडू को रखा है। जबकि सबसे बेहतर स्थिति में वह बिहार को मान रहे है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल को वह मध्यम श्रेणी में रख रहे हैं।
आपको जानकारी के लिए यह भी बताते चलें कि यह कहा जा रहा है कि अमित शाह का मानना है कि बिहार में इस बार चुनाव पहले से काफी आसान होगा। यहां पर भाजपा को बड़ी सफलता मिलेगी। जबकि पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए लड़ाई पहले की तरह मुश्किल नहीं होगी। लेकिन वहां पर भी मेहनत काफी करनी होगी। जबकि तमिलनाडू में लड़ाई सबसे अधिक मुश्किल होगी। वहां पर हालांकि भाजपा ने अपने पुराने साथी एआईएडीएमके के साथ गठबंधन कर लिया है।
2026 का सियासी समीकरण बनाम डीएमके
तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और AIADMK का गठबंधन विपक्षी वोटों का ध्रुवीकरण कर सकता है। डीएमके इस वक्त मजबूत स्थिति में है, लेकिन अभिनेता विजय की ‘तमिलगा वेट्री कड़गम’ (TVK) और सीमन की ‘नाम तमिलर काची’ जैसे नए राजनीतिक विकल्प भी समीकरणों को प्रभावित कर सकते हैं।
