धमतरी:- गर्मी के मौसम की शुरुआत हो गई है. इस बीच छत्तीसगढ़ का धमतरी जिला जल संकट से जूझ रहा है. जिले में औसत वर्षा की स्थिति बीते साल रही है. इस वजह से यहां का भूजल स्तर तेजी से गिरता जा रहा है. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा बनाए गए विभिन्न पेयजल स्त्रोतों जैसे हैंडपंप, नल जल प्रदाय योजना, सिंगल फेज पावर पंप और सोलर योजनाओं से पानी की सप्लाई की जा रही है. इस सबके बीच कलेक्टर ने धमतरी को जल प्रभावित क्षेत्र घोषित किया है.
जल संकट बढ़ने के आसार: जैसे जैसे गर्मी बढ़ेगी धमतरी में जल संकट की समस्या और गहरा सकती है. इसे ध्यान में रखते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने धमतरी जिले को जलाभाव क्षेत्र घोषित किया है. आगामी मानसून के आगमन और 30 जून 2025 तक धमतरी जिला जलाभावग्रस्त क्षेत्र रहेगा. इस फैसले में यह कहा गया है कि बिना कलेक्टर के परमिशन के जिले में जल स्रोत से सिंचाई नहीं की जाएगी. इसके अलावा इंडस्ट्रियल यूज और अन्य प्रयोजनों के लिए पानी नहीं लिया जा सकेगा. इसके साथ ही इस अवधि में कोई नया नलकूप पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं किया जा सकेगा. इन सब कार्यों के लिए कलेक्टर की अनुमति लेनी होगी.
जल संकट को लेकर अधिकारियों की नियुक्ति: जल संकट को लेकर अधिकारियों की नियुक्ति भी की गई है. धमतरी नगर निगम के लिए एडीएम को नियुक्त किया गया है. राजस्व विभाग के एसडीओ को धमतरी, कुरुद और नगरी की जिम्मेदारी दी गई है. सभी अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे जल संकट को लेकर जारी नियम के तहत कार्यप्रणाली पर नजर रखें.