नई दिल्ली:- अगर आपका सिबिल स्कोर कम हो गया है और इस वजह से आपको लोन या क्रेडिट कार्ड मिलने में परेशानी हो रही है, तो आप अकेले नहीं हैं. दरअसल, सिबिल स्कोर ही वह पैमाना है जिसके आधार पर बैंक और वित्तीय संस्थान (लैंडर्स) आपको लोन या क्रेडिट कार्ड देते हैं. लेकिन, स्कोर गिरने की वजह से हम बार-बार आवेदन करते हैं और हर बार निराशा हाथ लगती है. एक बड़ी गलती ये होती है कि रिजेक्शन मिलने के बाद भी हम लगातार अप्लाई करते रहते हैं, जिससे हमारा सिबिल स्कोर और भी ज्यादा गिरने लगता है.
घबराइए मत! सिबिल स्कोर को सुधारना कोई मुश्किल काम नहीं है. बस आपको कुछ ऐसे ट्रिक्स पता होने चाहिए जो आम तौर पर लोगों को नहीं पता होते. इस रिपोर्ट में हम आपको ऐसे 6 तरीके बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप अपने स्कोर को तेजी से सुधार सकते हैं और अगर ढंग से मैनेज करें तो 800+ तक भी ले जा सकते हैं!
- क्रेडिट कार्ड लिमिट बढ़वाएं, पर खर्च नहीं: अगर आप क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करते हैं तो अपने बैंक से क्रेडिट लिमिट बढ़वाने के लिए रिक्वेस्ट करें. लेकिन, ध्यान रखें कि आपको अपने खर्च को उतना ही रखना है जितना पहले था. लिमिट बढ़ने से आपका Credit Utilization Ratio (CUR) कम होगा. CUR का मतलब है कि आप अपनी कुल क्रेडिट लिमिट का कितना प्रतिशत इस्तेमाल कर रहे हैं. CUR जितना कम होगा, आपका स्कोर उतना ही बेहतर होगा. आमतौर पर, 30% से कम CUR को अच्छा माना जाता है.
उदाहरण: मान लीजिए आपकी क्रेडिट कार्ड लिमिट 50,000 रुपये है और आप हर महीने 25,000 रुपये खर्च करते हैं. आपका CUR 50% (25,000/50,000) है. अगर आप लिमिट बढ़वाकर 1,00,000 रुपये करवा लेते हैं और खर्च 25,000 रुपये ही रखते हैं, तो आपका CUR 25% (25,000/1,00,000) हो जाएगा, जिससे आपके स्कोर में सुधार होगा.
- सबसे पुराने क्रेडिट कार्ड को कभी बंद न करें: आपका सबसे पुराना क्रेडिट कार्ड आपके क्रेडिट इतिहास को लंबा बनाता है, जो आपके सिबिल स्कोर को बढ़ाने में मदद करता है. इसे बंद करने से आपके क्रेडिट हिस्ट्री की लंबाई कम हो जाएगी और आपका स्कोर गिर सकता है. भले ही आप उस कार्ड को इस्तेमाल न करते हों, उसे चालू रखें.
- नया लोन लेने से पहले मौजूदा क्रेडिट कार्ड का बिल चुकाएं: अगर आपका सिबिल स्कोर 650 से कम है, तो नए लोन के लिए अप्लाई करने की बजाय पहले अपने क्रेडिट कार्ड के बिल को क्लियर करें और स्कोर को सुधारें. जब आपका स्कोर बेहतर हो जाए, तब लोन के लिए अप्लाई करें. इस तकनीक से लोन अप्रूवल भी जल्दी मिलता है और ब्याज दरें भी कम लगती हैं.
- लोन पोर्टफोलियो में विविधता लाएं: सिर्फ पर्सनल लोन लेने से आपका स्कोर धीरे-धीरे बढ़ता है. यदि आपके लोन प्रोफाइल में क्रेडिट कार्ड, होम लोन और एजुकेशन लोन का मिश्रण है, तो इससे आपके सिबिल स्कोर में तेजी से सुधार होता है. विभिन्न प्रकार के लोन यह दर्शाते हैं कि आप विभिन्न प्रकार के क्रेडिट को सफलतापूर्वक मैनेज कर सकते हैं.
- सिबिल रिपोर्ट में गलतियों को पहचानें और रिपोर्ट करें: कभी-कभी गलत लोन एंट्री या डुप्लिकेट अकाउंट आपके सिबिल स्कोर को नीचे गिरा सकते हैं. CIBIL की वेबसाइट पर जाकर अपनी रिपोर्ट चेक करें और अगर कोई गलती दिखाई दे तो तुरंत उसे रिपोर्ट करें. आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से गलती सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं.
- समय पर भुगतान करें: यह सबसे महत्वपूर्ण और बुनियादी नियम है. अपने सभी लोन और क्रेडिट कार्ड के बिलों का भुगतान समय पर करें. एक भी चूक आपके सिबिल स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है. आप ऑटो-पेमेंट का विकल्प चुन सकते हैं ताकि आप कभी भी भुगतान करना न भूलें.