सुकमा:- बस्तर में इलवद पंचायत योजना के तहत सुकमा के बड़ेसत्ती गांव को नक्सल मुक्त घोषित किया गया है. इलवद पंचायत योजना के शुरू होने के बाद छत्तीसगढ़ की पहली ग्राम पंचायत के रूप मे बड़ेसत्ती को चुना गया है. इस ग्राम पंचायत को विकास के लिए 1 करोड़ रुपये मिलेंगे. यहां विकास परियोजनाओं का संचालन किया जाएगा. शुक्रवार को इस ग्राम पंचायत में 11 नक्सलियों ने सरेंडर किया. उसके बाद बड़े सत्ती को यह उपबल्धि हासिल हुई है.
नई नक्सल पुनर्वास नीति के तहत मिला फायदा: नई नक्सल पुनर्वास नीति के तहत इलवद पंचायत योजना को शुरू किया गया था. इस पंचायत योजना में उन ग्राम पंचायतों को 1 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी देने नियम है, जो गांव नक्सलियों के आत्मसमर्पण की सुविधा प्रदान करते हैं और खुद को माओवादी-मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव पारित करते हैं.
इन 11 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के साथ ही बड़ेसट्टी गांव इस खतरे से मुक्त हो गया है और नई योजना के लाभ के लिए पात्र है. पुलिस पिछले कुछ दिनों से प्रतिबंधित संगठन के मिलिशिया और क्रांतिकारी पार्टी समिति के सदस्यों को आत्मसमर्पण के लिए प्रोत्साहित करने के लिए स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों के संपर्क में थी. इसमें सफलता मिली.
सरेंडर करने वाले नक्सलियों को मिलेगा फायदा: बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि आत्मसमर्पित सभी नक्सलियों को 50-50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई. सरकार की नीति के अनुसार उनका पुनर्वास किया जाएगा.
पुलिस के सहयोग से स्थानीय पंचायत ने हमारे क्षेत्र में प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोगों को हिंसा छोड़ने और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया। शुक्रवार को हमारी पंचायत के 11 कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण कर दिया। अब हमारे गांव का कोई भी व्यक्ति संगठन से जुड़ा नहीं है और हमारा गांव नक्सल मुक्त हो गया है.- कलमू जोगा, सरपंच, बड़ेसत्ती गांव
बड़ेसत्ती गांव के सरपंच कलमू जोगा ने बताया कि गांव में कोई पंचायत भवन और अस्पताल नहीं है. यहां स्कूल में केवल आठवीं कक्षा तक की कक्षाएं हैं. इलवद योजना का पैसा सड़कों, पानी की आपूर्ति और अन्य बुनियादी ढांचे के कामों पर खर्च किया जाएगा. बडेसत्ती गांव वही गांव है जिसने साल 2021 में शांति की ओर अपना पहला कदम तब उठाया था. यहां छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल का एक शिविर स्थापित किया गया था.
कैंप स्थापित होने के बाद, इलाके में सड़क का निर्माण किया गया और विकास कार्य शुरू हुआ. जल्द ही, नक्सली गतिविधियों में कमी आने लगी। पंचायत के आठ बस्तियों में से छह में बिजली की आपूर्ति है, जबकि शेष दो में विद्युतीकरण का काम चल रहा है। पंचायत की आबादी 1700 है, जिसमें से 1400 मतदाता हैं- जमुना कुमार रजक, कंपनी कमांडर, सीएएफ कैंप, बडेसत्ती गांव
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने कहा कि भविष्य में ऐसे समर्पण करने वाले गावों को और फायदा पहुंचाया जाएगा. बस्तर क्षेत्र में बस्तर, कांकेर, कोंडागांव, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा जिले शामिल हैं. इस महीने की शुरुआत में दंतेवाड़ा के दौरे के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इलवद पंचायत योजना की सराहना की थी और लोगों से बस्तर क्षेत्र के हर गांव को नक्सल मुक्त बनाने के लिए अभियान शुरू करने की अपील की थी. जिससे 1 करोड़ रुपये के विकास कार्य हो सकें. अमित शाह ने इस बात को भी रेखांकित किया था कि 31 मार्च, 2026 से पहले नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प सरकार ने लिया है.