रायपुर:- छत्तीसगढ़ में बेमौसम बारिश का कहर देखने को मिला है. सबसे ज्यादा बिजली विभाग प्रभावित हुआ है. राज्य के कई इलाकों में आंधी से पेड़ गिर गए. इसके साथ ही तेज हवाओं की वजह से बिजली के पोल और बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई. इससे गुरुवार से लेकर शुक्रवार तक कई राज्य के कई जिलों में बिजली सेवा प्रभावित रही. बिजली विभाग की तरफ से युद्ध स्तर पर कार्य किया गया और पावर सप्लाई को बहाल किया गया.
आंधी तूफान से बिजली सप्लाई हुई थी प्रभावित: गुरुवार 1 मई की शआम को तेज आंधी तूफान आने की वजह से रायपुर, दुर्ग, राजनांदगाव और जगदलपुर में पेड़ गिरे. तेज हवा की वजह से 1000 से अधिक बिजली के खम्भे टूट गए. बिजली विभाग की 1217 लाइनें क्षतिग्रस्त हुई. ज्यादातर फीडरों से विद्युत आपूर्ति बंद हो गई. सीएम ने इसे लेकर निर्देश जारी किया. जिसके बाद आपूर्ति शुरू कर शहरों में बिजली सेवा को सामान्य किया गया. ऊर्जा सचिव की निगरानी में मैदानी इलाकों में विद्युत सेवा समान्य करने के लिए लोग दिन रात तक जुटे रहे.
छत्तीसगढ़ बिजली विभाग की तरफ से बयान:छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर भीम सिंह कंवर ने बताया कि”आज की स्थिति में आंधी-तूफान प्रभावित ज्यादातर आबादी क्षेत्रों में आपूर्ति सामान्य हो गई है.शुक्रवार की रात भर कार्य किया गया.वहीं खेतों तथा वन क्षेत्रों में दूसरे चरण में शीघ्र ही सुधार कार्य कर स्थिति को सामान्य बनाया जायेगा.
कई जिलों में आंधी-तूफान के कारण विद्युत लाइनों पर पेड़, फ्लेक्स, शेड, होर्डिंग्स तथा अन्य स्ट्रक्चरर्स गिरने के कारण 33 केवी और 11 केवी का विद्युत नेटवर्क ट्रिप हुआ. उसके बाद बिजली सप्लाई प्रभावित हुई. प्रभावित क्षेत्रों में अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सर्वप्रथम ग्राउंड पेट्रोलिंग करते हुए लाइनों पर गिरे हुए पेड़, फ्लेक्स, शेड, होर्डिंग्स को हटाने का काम तुरंत किया गया. इस कार्य में नगर निगम के टीम की भी मदद ली गई.-भीम सिंह कंवर, मैनेजिंग डायरेक्टर,छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी
रायपुर ग्रामीण क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक संदीप वर्मा ने बताया कि “रायपुर ग्रामीण बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी, महासमुंद एवं गरियाबंद जिला में बड़े पैमाने पर पेड़ आदि के गिरने के कारण विद्युत सेवा प्रभावित हुई.जिसे बहाल किया जा रहा है. उपकेन्द्र हथबंध की सप्लाई पूरी तरह से प्रभावित हुई. जिसे 24 घंटे के अंदर पोल खड़े कर चालू कर दिया गया. 11 केवी और निम्न दबाब लाइनों के 807 खम्भे भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. 11 केवी के 27 फीडर की सप्लाई बाधित हुई है. संचारण-संधारण निकाय के अतिरिक्त लाइनों के संधारण एवं मॉनिटरिंग कार्य को तुरंत किया गया. कई जगहों पर तो 1 मई की रात को ही बिजली सेवा बहाल कर दी गई.
350 आबादी बस्तियों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई थी जिसमें से मात्र 45 बस्तियों में कार्य किया जा रहा है. बाकी जगहों पर आपूर्ति नियमित कर दी गई हैं.- संदीप वर्मा , कार्यपालक निदेशक, रायपुर ग्रामीण क्षेत्र, छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग
ग्रामीण क्षेत्रों की बस्तियों में पीने के पानी की सप्लाई को देखते हुए प्राथमिकता के तौर पर टूटे पोल को बदला जा रहा है.जिसे चालू करने का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है. इसके साथ ही कृषि कनेक्शनों की लाइनों की भी मरम्मत तेजी से की जा रही है. जिससे जल्द से जल्द बिजली सप्लाई हो सके- संदीप वर्मा , कार्यपालक निदेशक, रायपुर ग्रामीण क्षेत्र, छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग
रायपुर सिटी की बिजली सप्लाई कैसी?: बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रायपुर शहर में 33 तथा 11 केवी के 36 खम्भे टूटे थे. 126 लाइनें बाधित हुई थी. वहीं निम्न दाब की 430 लाइनें भी बाधित हुई थी. 93 उपकेन्द्रों विद्युत आपूर्ति बंद हो गई थी. रायपुर शहर में 1 मई की शाम 7 बजे से ही विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से प्रारंभ कर दी गई थी. लेकिन जैसे-जैसे सुधार होता गया, आधी रात तक 33 केवी के सभी कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं. सुबह तक 11 केवी के 49 फीडर भी शुरू कर दिए गए हैं. टीएमसी के 276 तथा एफओसी के 1344 प्रकरणों पर कार्य जारी थे. जो 2 मई को पूरे कर लिए गए.
बस्तर क्षेत्र में बिजली सप्लाई की हालत कैसी ?: 1 मई को आंधी तूफान से बस्तर क्षेत्र में भी बिजली विभाग को नुकसान हुआ है. यहां के कई जिलों में बिजली वितरण की स्थिति प्रभावित रही. जगदलपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक एसके ठाकुर ने बताया कि तेज आंधी-तूफान से कांकेर में 15, भानुप्रतापपुर में 18, पखांजूर में 33, नारायणपुर में 23, कोंडागांव में 6 और बीजापुर में 6 बिजली के खंभे प्रभावित हुए. दूसरी तरफ सुकमा में 10 खम्भे क्षतिग्रस्त हुए, जो 33 तथा 11 किलोवॉट के थे. इसी तरह कांकेर में 36, भानुप्रतापपुर में 56, पखांजूर में 99, नारायणपुर में 29, कोन्डागांव में 15,दंतेवाड़ा में 3, सुकमा में 13 एवं बीजापुर में 14 लाइनें क्षतिग्रस्त हुई थी.
बस्तर के अधिकांश इलाकों में बिजली सप्लाई का कार्य पूरा कर लिया गया है. यहां विद्युत सप्लाई सामान्य कर दी गई है. बचे हुए क्षेत्रों में शनिवार से बिजली सप्लाई शुरू होने की संभावना है.- एसके ठाकुर, कार्यपालक निदेशक, जगदलपुर
राजनांदगांव क्षेत्र में बिजली सप्लाई की स्थिति: आंधी तूफान के बाद राजनांदगांव क्षेत्र में भी बिजली सप्लाई को लेकर छत्तीसगढ़ विद्युत विभाग अलर्ट मोड पर काम कर रहा है. राजनांदगांव क्षेत्र के कार्यपालक निदेशक शिरीष सेलट ने बताया कि राजनांदगांव, खैरागढ़ तथा मानपुर-मोहला जिलों में 33 केवी के 2 तथा 11 केवी के 53 खम्भें क्षतिग्रस्त हुये थे, वहीं निम्नदाब के 74 लाइनें भी क्षतिग्रस्त हुई थी.
पूरे क्षेत्र में आबादी इलाके में विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी गई है. खेतों तथा जंगलों में हुई क्षति का आंकलन अभी नहीं हो पाया है. जिसकी मरम्मत कर बिजली विभाग तुरंत पावर सप्लाई कर देगा.- शिरीष सेलट, कार्यपालक निदेशक, राजनांदगांव क्षेत्र
दुर्ग क्षेत्र में बिजली सेवा चालू: आंधी तूफान के बाद दुर्ग क्षेत्र में भी बिजली सेवा की स्थिति खराब हो गई है. दुर्ग क्षेत्र के इंजीनियर एस आर बी खण्डेलवाल ने बताया कि दुर्ग तथा भिलाई में 22 निम्नदाब लाइनों पर विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई थी. जिन्हें सुधार कर चालू कर दिया गया है. ग्रामीण अंचलों में खेतों की लाइनों में हुई क्षति का आकलन किया जा रहा है.जल्द ही दुर्ग के ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली सेवा पूरी तरह दुरुस्त हो जाएगी.