नई दिल्ली:– भारत में ट्रेन सफर आम लोगों के लिए सबसे सरल और किफायती है. ट्रेन टिकट बुकिंग के नियमों में बदलाव के पीछे IRCTC का मकसद है कि टिकट बुकिंग में फर्जीवाड़े पर रोक लगे. आज हम आपको बताएंगे कि IRCTC के नए नियमों में क्या-क्या बदलाव हुआ है.
IRCTC वेबसाइट या ऐप से टिकट बुक करते समय अब यात्रियों को मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा. जब तक आप इस OTP को वेरिफाई नहीं करेंगे, तब तक आप पेमेंट पेज पर नहीं जा सकेंगे. यह नियम सभी यात्रियों पर लागू होगा चाहे आपने पहले IRCTC पर रजिस्ट्रेशन कराया हो या नहीं. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि टिकट सही यात्री द्वारा ही बुक किया जाए. इसके अलावा सुरक्षा और प्राइवेसी को और मजबूत किया जा सके.
1 मई से एडवांस ट्रेन टिकट बुकिंग अवधि घटाकर 90 दिन कर दी गई है. यानी अब कोई भी यात्री सिर्फ 90 दिन पहले की यात्रा के लिए टिकट बुक कर सकेगा. यह नियम 1 मई से लागू हो गया है, हालांकि त्योहार और स्पेशल ट्रेनों पर यह नियम लागू नहीं होगा.
नए नियमों के तहत रेलवे ने रिफंड पॉलिसी को और आसान बनाया है. पहले कैंसिल टिकट का पैसा रिटर्न होने में 5 से 7 दिन लग जाते थे, लेकिन अब सिर्फ 48 घंटे यानी 2 दिन में ही रिफंड आपके खाते में आ जाएगा. यह सुविधा ऑनलाइन और काउंटर से बुक किए गए दोनों टिकटों के लिए उपलब्ध है.
रेलवे टिकट अब केवल उसी दिन और उसी ट्रेन के लिए मान्य होगा, जो टिकट पर लिखा है. अगर आपने ई-टिकट बुक किया है, तो उसका प्रिंट आउट ले जाना जरूरी नहीं है. आप मोबाइल पर ही टिकट दिखाकर सफर कर सकते हैं.
अगर आपने कन्फर्म टिकट को ट्रेन खुलने से 48 घंटे पहले कैंसिल किया है तो कोच के हिसाब से अलग-अलग चार्ज देना होगा. फर्स्ट AC या एग्जीक्यूटिव क्लास के लिए 240 रुपये कैंसिलेशन चार्ज देना होगा. जबकि 2AC या फर्स्ट क्लास के लिए 200 रुपये, 3A के लिए 180 रुपये, स्लीपर क्लास के लिए 120 रुपये और सेकंड क्लास के लिए 60 रुपये कैंसिलेशन चार्ज देना होगा.
