नई दिल्ली:– भारत के ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने भी ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल किया. मगर, भारतीय सेना ने समय रहते पाकिस्तान के सभी हमलों को फेल कर दिया. दरअसल, पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर वाले दिन भारत के 15 शहरों में सैन्य ठिकानों को टारगेट किया था. मगर, भारतीय सेना की मुश्तैदी से पाकिस्तान को इसमें भी हार का सामना करना पड़ा. दरअसल, भारतीय सेना ने रूस की एस-400 की मदद से उनके सभी मिसाइलों को नष्ट कर दिया.
सेना के सूत्रों ने बताया कि 7 मई की रात को पाकिस्तान ने ड्रोन और मिसाइलों को अवंतीपुरा, श्रीनगर, जम्मू, पठानकोट, अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, आदमपुर, भटिंडा, चंडीगढ़, फलोदी, उत्तरलाई और भुज सहित उत्तरी और पश्चिमी भारत में कई सैन्य ठिकानों पर हमला करने की कोशिश की. मगर, भारतीय सेना ने इन हमलों को इंटीग्रेटिड काउंटर यूएएस ग्रिड और एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से बेअसर कर दिया. इन हमलों के मलबे अब कई स्थानों से बरामद किए जा रहे हैं, जो पाकिस्तानी हमलों को साबित करते हैं.
सीमावर्ती इलाकों में देखे गए पाक मिसाइल
भारतीय सेना ने अपनी सूझबूझ और एस-400 यानी कि सुदर्शन चक्र एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम से उनके सभी मिसाइलों को तबाह कर दिया. सुबह से ही मिसाइलों और ड्रोन के मलबे सीमावर्ती इलाकों में देखे गए थे. इसके बाद सेना ने बयान जारी कर बताया कि पाकिस्तानी सेना ने ऑपरेशन सिंदूर वाली रात को भारत पर हमला करने की कोशिश किया था. मगर भारत ने एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की मदद से उनके सभी हमलों को तबाह कर दिया था.
सुदर्शन चक्र ने किया तबाह
आपको बता दें कि एस-400 ट्रायम्फ (S-400 Triumf) एयर डिफेंस सिस्टम से भारत ने रूस से खरीदा था. भारत ने अपनी हवाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए खरीदा था. भारत ने इसे “सुदर्शन चक्र” नाम दिया है, जो इसकी शक्तिशाली और अभेद्य प्रकृति को दर्शाता है. आधिकारिक तौर पर यह रूस का एस-400 ट्रायम्फ ही है. यह सिस्टम रूस की अल्माज़ सेंट्रल डिजाइन ब्यूरो द्वारा 1990 के दशक में विकसित किया गया था. यह 2007 से रूसी सेना में तैनात है. भारत ने इसे 2018 में रूस से 5.43 अरब डॉलर की डील के तहत खरीदा था.
रूस से भारत ने खरीदा था
बताते चलें कि रूस के साथ एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम के लिए 2019 में समझौता हुआ था. इसकी पहली खेप 21 दिसंबर 2021 को मिली थी. भारत ने सबसे पहले इसकी तैनाती पाकिस्तान सीमा से लगे पंजाब में किया था. आपको बताते चलें कि इस एस-400 के लॉन्चर से 3 सेकंड में 2 मिसाइलें दागी जा सकती हैं.
