रायपुर:- छत्तीसगढ़ में जितने भी बांग्लादेशी अवैध तरीके से बिना दस्तावेजों के रह रहे हैं उनकी अब खैर नहीं. सरकार ने ये फैसला किया है कि अवैध अप्रवासियों की पहचान की जाएगी. जिनके बास वैध दस्तावेज नहीं होंगे और जो गलत तरीके से यहां रहे हैं उनपर एक्शन लिया जाएगा. ऐसे लोगों की धरपकड़ के लिए नियम अनुसार कार्रवाई की जाएगी. ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा. गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से ये जरुरी भी है और सरकार की जिम्मेदारी भी.
छत्तीसगढ़ में होगी घुसपैठियों की पहचान: गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि घुसपैठियों को रोकने और उनको पकड़ने के लिए हर जिले में स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा. विजय शर्मा ने कहा कि अवैध दस्तावेज बनाने वाले और बिना वैध दस्तावेज वाले व्यक्तियों को लानेवाले ठेकेदार, टेंट व्यवसायी, कबाड़ी का काम कराने वाले लोग, जो छोटे लाभ कमाने के लिए इस तरह के खतरनाक काम करते हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
जिला मुख्यालय से मिले एसपी को निर्देश: पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी पत्र में सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे भारत सरकार और वरिष्ठ कार्यालयों की ओर से समय समय पर जारी किए गए निर्देशों पर कार्रवाई सुनिश्चित करें. निर्देशों के अनुसार राज्य के सभी जिलों में बांग्लादेशी नागरिकों सहित अन्य अवैध अप्रवासियों की पहचान और वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु “स्पेशल टास्क फोर्स का गठन करने को कहा गया है.
स्पेशल टास्क फोर्स: इन टास्क फोर्स की सहायता से न केवल ऐसे तत्वों की पहचान की जाएगी, बल्कि उन्हें राज्य से निष्कासित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी. राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ठेकेदारों के माध्यम से बाहर से आए श्रमिक कार्यरत हैं. इनके दस्तावेजों का सही तरीके से जांच और सत्यापन नहीं हो पाने के कारण यह आशंका प्रकट की जा रही है कि कई अवैध अप्रवासी भी इन्हीं माध्यमों से राज्य में निवास कर रहे हैं. इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि ऐसे श्रमिकों का ठेकेदारों के माध्यम से अनिवार्य रूप से सत्यापन कराया जाए.
फर्जी दस्तवाजे बनाने पर खैर नहीं: ये साफ किया गया है कि फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से पहचान पत्र प्राप्त करने वालों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत सख्त कार्रवाई की जाए. इसके अलावा राशन कार्ड, आधार कार्ड, मतदाता परिचय पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड आदि दस्तावेजों का त्वरित सत्यापन कराना भी अनिवार्य किया गया है. जिला स्तर पर संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर नियमित रूप से इस संबंध में समीक्षा भी की जाएगी.
कार्रवाई की देनी होगी जानकारी: पत्र के माध्यम से सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में आवश्यकतानुसार विशेष अभियान चलाकर कानून सम्मत, वैज्ञानिक एवं प्रभावी तरीकों से अवैध अप्रवासियों की पहचान सुनिश्चित करें तथा भारत सरकार एवं पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए की गई कार्रवाई की जानकारी समय-समय पर पुलिस मुख्यालय को प्रेषित करें.