नई दिल्ली:– रविवार को राजधानी रांची समेत आसपास के क्षेत्रों में हुई झमाझम वर्षा ने मौसम को सुहावना बना दिया है।
करीब एक घंटे तक हुई झमाझम वर्षा में शहर की सफाई व्यवस्था की पोल भी खोल कर रख दी है। पूरा शहर नाले के पानी से भर गया।
नाले में पूर्व से जमा ठोस कचरा पानी के साथ उफनकर बाहर निकल गया और सड़क पर फैल गया। कोकर इंडस्ट्रियल एरिया का तो बुरा हाल हो गया। यहां जलजमाव के बीच गंदगी ने आमजनों को परेशान कर दिया।
झमाझम वर्षा के साथ आई तेज आंधी ने शहर के कई हिस्सों को प्रभावित किया। तेज आंधी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर में कई जगहों पर तो पेड़ और बिजली के खंभे तक उखड़ गए।
इससे काफी देर तक जहां बिजली आपूर्ति प्रभावित हो गई तो वहीं शहर की रफ्तार भी थम सी गई। वाहन चालकों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ा।
चुटिया, अरगोड़ा चौक से कटहल मोड़ जाने वाले रास्ते में नागा टावर के पास, डिसलरी पुल, कोकर, हिंदपीढ़ी समेत निचले क्षेत्रों में सड़क पर जलजमाव हो जाने से आवागमन प्रभावित हो गई।
कांटा टोली से कोकर तक जाने वाली सड़क पर जाम का नजारा देखने को मिला। खोड़हा टोली में बिजली के तीन बिजली के खंभे गिर गए, सड़क भी बंद हो गई है।
वहीं, लोवाडीह चौक के पास एनएच 33 पर विशाल पेड़ गिरने से सड़क जाम हो गया, जिसमें कई एंबुलेंस फंस गए।
नामकुम इंडस्ट्रियल एरिया की सड़क पर एक साथ 10 से 12 पेड़ गिर गए, जिससे आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो गई।
एक आंकड़े के अनुसार, शहर में रविवार को हुई तेज वर्षा व आंधी की चपेट में आने से दो दर्जन से अधिक जगहों पर पेड़ और बिजली के खंभे गिरने की सूचना मिली है। जिससे भारी नुकसान हुआ है।
जगह जगह बिजली के तार टूटकर गिर गए हैं और बिजली सप्लाई बुरी तरह से प्रभावित हुई है। अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिर्फ कोकर एरिया में आठ जगहों पर बिजली के खंभे गिर हैं।
वहीं, चुटिया पावर हाउस रेल लाइन के पास बड़ा पेड़ उखड़कर गिर गया है। रांची क्लब के पास भी एक पेड़ उखड़ गया।
हालांकि इस नुकसान के बीच राहत भरी खबर यह है कि राजधानी व आसपास के क्षेत्र का तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है और लोगों को तपती गर्मी से राहत मिली है।
शाम में रिमझिम फुहार हुई तो ठंड का अहसास होने लगा। बता दें कि रविवार को झारखंड के कई जिलों में राहत की वर्षा हुई।
दिन में तेज धूप के बाद करीब 3 बजे तेज आंधी के साथ हुई वर्षा हुई तो मौसम का मिजाज बदल गया। राजधानी रांची और आसपास के क्षेत्र में सुबह से ही आंशिक बादल छाए थे।
इसी बीच दोपहर करीब 3 बजे आसमान में घने बादल छा गए और बिजली कड़कने के साथ तेज वर्षा और आंधी शुरू हो गई।
करीब एक घंटे तक हुई वर्षा और आंधी से तापमान गिर गया। इस वर्षा से किसानी के भी प्रभावित होने की सूचना है।
19 मई को कई स्थानों पर तेज हवा को ले आरेंज अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र रांची द्वारा जारी पूर्वानुमान की बात करें तो 19 मई को राज्य के दक्षिणी हिस्से यानी पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला खरसावां को छोड़ राज्य के शेष हिस्सों में कहीं कहीं मेघगर्जन के साथ 50 से 60 किमी प्रतिघंटे के साथ तेज हवा बहने और बिजली गिरने को लेकर आरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं दक्षिणी हिस्से में इन संभावनाओं को ले यलो अलर्ट जारी किया गया है। यह स्थिति 20, 21 और 22 मई को भी बनी रहेगी और हवा की गति 40 से 50 किमी प्रतिघंटा होगी, इसे लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है।
गिर गया तापमान, मिली गर्मी से राहत
मौसम विज्ञानी अभिषेक आनंद ने बताया कि राज्य में अगले 24 घंटे के दौरान कई स्थानों पर मेघगर्जन के साथ हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा होने की प्रबल संभावना है। यह स्थिति 19, 20 और 21 मई तक बनी रहेगी।
वहीं 22, 23 व 24 मई को कुछ स्थानों पर भी हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा होने की संभावना है। अगले तीन दिनों तक यानी 19, 20 और 21 मई को तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है।
जिसके बाद गर्मी से राहत मिलने की संभावना है। झारखंड में पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में अधिकांश स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली गिरने की घटनाओं के साथ हल्की व मध्यम दर्जे की वर्षा हुई।
सबसे अधिक वर्षा 44.2 मिमी बोकारो थर्मल में हुई। सबसे अधिक अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस डाल्टेनगंज का और सबसे कम न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस लातेहार में रिकॉर्ड किया गया।
वहीं राजधानी रांची का अधिकतम 37.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 22.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
वज्रपात या अन्य आपदा से मौत होने पर एक सप्ताह में मुआवजा : इरफान
उधर, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा है कि वज्रपात या अन्य आपदा से किसी व्यक्ति की मौत पर उसके आश्रित को एक सप्ताह के भीतर मुआवजा राशि मिलेगी।
उन्होंने जामताड़ा के बोधबांध में 25 वर्षीय बाबूजन सोरेन के वज्रपात से असामयिक मृत्यु के बाद पर आश्रित को सरकार की ओर से चार लाख रुपये सहायता राशि देने की भी घोषणा की।
इरफान रविवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने दिवंगत के दो छोटे भाइयों को गोद लेने की भी घोषणा की और कहा कि वे दोनों बच्चों को रांची में अपने आवास पर रखकर पढ़ाई-लिखाई कराएंगे और उन्हें एक उज्ज्वल भविष्य देंगे।
उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को एक सप्ताह के भीतर खाते में राशि हस्तांतरित कर दी जाएगी। कुछ तकनीकी त्रुटियों के कारण मामूली विलंब हुआ है, लेकिन आगे सहायता राशि समयबद्ध रूप से पहुंचेगी।
