वर्जीनिया:- अमेरिका के मिसौरी, केंटकी और वर्जीनिया राज्यों में आए भीषण तूफानों के कारण 25 से अधिक लोगों की मौत हो गई. इस भयानक तूफान में मकान और व्यापारिक प्रतिष्ठान नष्ट हो गए तथा हजारों लोगें के घरों की बिजली गुल हो गई.
केंटुकी के गवर्नर एंडी बेशर ने बताया कि शुक्रवार रात आए तूफान में कम से कम 18 लोग मारे गए. वहीं, मिसौरी के अधिकारियों ने बताया कि वहां सात अन्य लोग मारे गए.
वहां की स्थानीय मीडिया की माने तो वर्जीनिया में तूफान की वजह से पेड़ गिरने के कारण दो लोगों की मौत हुई है. खबर के मुताबिक, तूफान की गति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि, इसने कितने लोगों की जिंदगी छीन ली.
38 साल की जेमी बर्न्स, अपने पति और बेटे के साथ केंटकी के लंदन शहर में एक ट्रेलर घर में रहती हैं. जब तूफान आया तो वे अपनी बहन के ईंट के घर के तहखाने में जाकर अपनी जान बचाई. इस भीषण तूफान ने इलाके में 100 से 200 घरों को तहस-नहस कर दिया था.
बर्न्स ने एएफपी को फोन पर दिए एक इंटरव्यू में तूफान की भयावहता के बारे में बताई. उन्होंने कहा कि, तूफान ने यहां के लोगों से सबकुछ छीन लिया है. उन्होंने कहा कि, जो चीजें इस इलाके में पिछले 30 सालों सी थीं, वह सबकुछ बर्बाद हो गया. उन्होंने कहा कि, बेरहम तूफान ने पूरे भरे पूरे इलाके को सपाट कर दिया है, जैसे कि यहां पहले कुछ था ही नहीं.
स्थानीय मीडिया द्वारा साझा किए गए ड्रोन फुटेज में लंदन में तबाही के दृश्य दिखाए गए हैं, जिसमें घर जमींदोज हो गए हैं. कु टुकड़ों में तब्दील हो गए हैं और पेड़ों के तने बिन शाखाओं के खड़े हैं. इस भीषण तूफान की वजह से शनिवार देर रात तीनों राज्यों में 108,000 से अधिक लोगों के घरों में बिजली नहीं थी.
पूर्वी केंटकी, ऐतिहासिक रूप से अपनी कोयला खदानों के लिए जाना जाता है. यह देश के सबसे गरीब इलाकों में से एक है. बर्न्स ने कहा कि, वे लोग ऐसे घरों में रहते हैं जो बवंडर और तूफान के लिए सुरक्षित नहीं है.
सबसे भयंकर तूफानों में से एक
वहीं, तूफान की वजह से मिसौरी में, सेंट लुइस के प्रमुख शहर में पांच लोग मारे गए. अधिकारियों ने अपने इतिहास के सबसे भयंकर तूफानों में से एक बताया. दूसरी तरफ स्कॉट काउंटी में दो लोग मारे गए. स्टेट हाईवे पैट्रोल ने एएफपी को दिए एक बयान में इस बात की जानकारी दी.
वहीं, रविवार और सोमवार को और भी भयंकर मौसम का पूर्वानुमान जताया गया ह. शनिवार को एक रिपोर्टर द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या यह सेंट लुइस में आया अब तक का सबसे भयंकर तूफान था. इस पर मेयर कैरा स्पेंसर ने जवाब दिया कि, वह इस तूफान को सबसे भयंकर तूफान कहेंगी. तबाही का मंजर दिल को दहला देने वाली है.
उन्होंने कहा कि शहर में 38 लोग घायल हुए और लगभग 5,000 इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं. सीबीएस फुटेज के मुताबिक, सेंट लुइस के एक पड़ोस में, एक चर्च को भारी नुकसान पहुंचा है. इस दौरान बचाव कर्मियों ने शनिवार सुबह इमारत के पास पीड़ितों का इलाज जारी रखा.
सेंटेनियल क्रिश्चियन चर्च के पादरी डेरिक पर्किन्स ने सीबीएस को बताया कि, यहां एक बवंडर का आना और निवासियों और चर्च को इतना नुकसान पहुंचाना भयानक है. उनका तो यह सबकुछ देखकर दिल टूट गया है.
चर्च में काम करने वाले ब्रूस मैडिसन ने कहा कि समुदाय इस त्रासदी का सामना करने के लिए एकजुट हो रहा है. उन्होंने कहा कि, तूफान में लापता हुए लोगों की सुरक्षित होने की कामना की जा रही है. उनकी तलाश जारी है.
हालांकि खराब मौसम से पहले चेतावनियां दी गई थीं. बेशियर ने शुक्रवार को सुरक्षात्मक रूप से आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी थी. लेकिन मौतों की संख्या इस बात पर सवाल उठा सकती है कि क्या ट्रंप प्रशासन द्वारा की गई भारी कटौती ने राष्ट्रीय मौसम सेवा पूर्वानुमान टीमों को खतरनाक रूप से कम कर्मचारियों के साथ छोड़ दिया है.
वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक, इस साल 4,200 NWS कर्मचारियों में से अनुमानित 500 को निकाल दिया गया है या उन्हें समय से पहले सेवानिवृत्ति ले ली गई है. नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के अनुसार, पिछले साल संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग 1,800 बवंडर आए थे, जो 2004 से कम है.