कोलकाता:- कोलकाता हाई कोर्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय समिति ने मुर्शिदाबाद में अप्रैल 2025 में हुई हिंसा की जांच की. इस हिंसा का कारण वक्फ अधिनियम के खिलाफ हुए प्रदर्शन थे. समिति की रिपोर्ट में तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय विधायक मेहबूब आलम और एक पार्षद का नाम सामने आया है, जिन्हें हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंसा के दौरान स्थानीय पुलिस पूरी तरह निष्क्रिय थी और घटना में कुल 113 घर प्रभावित हुए, जिसमें एक पिता-पुत्र की जोड़ी, हरगोविंद दास और चंदन दास, की हत्या कर दी गई.
‘ममता सरकार का हिंदू-विरोधी चेहरा बेनकाब’
मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “ममता बनर्जी की सरकार का हिंदू-विरोधी चेहरा अब पूरी तरह बेनकाब हो गया है. मुर्शिदाबाद में हिंदुओं के घरों और लोगों पर सुनियोजित हमले हुए और यह सब TMC नेताओं के इशारे पर हुआ.”
उन्होंने ममता बनर्जी से अपने नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करने और पीड़ितों से माफी मांगने की मांग की. BJP ने TMC पर आरोप लगाया कि उसने हिंसा में बाहरी लोगों की संलिप्तता का झूठा नेरेटिव बनाया, ताकि अपनी नाकामी छुपाई जा सके.
ऑपरेशन सिंदूर को रणनीति में किया शामिल
इतना ही नहीं BJP ने पश्चिम बंगाल में ऑपरेशन सिंदूर को अपनी रणनीति का दूसरा बड़ा हथियार बनाया है. 7 मई 2025 को शुरू हुए इस सैन्य अभियान में भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में नौ आतंकी ठिकानों पर 24 सटीक हमले किए, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए थे. यह अभियान 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जवाब शुरू किया गया था.
नए भारत की ताकत’
BJP ने इसे ‘नए भारत’ की ताकत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का प्रतीक बताया है. पार्टी ने कोलकाता में तिरंगा यात्रा और अन्य राज्यों में जय हिंद सभाओं का आयोजन किया, ताकि ऑपरेशन की सफलता को जनता तक पहुंचाया जा सके. BJP नेताओं ने दावा किया है कि ऑपरेशन सिंदूर ने न केवल आतंकवादियों को खत्म किया, बल्कि हिंदू पहचान और नारीत्व के प्रतीक सिंदूर को भी सम्मानित किया, क्योंकि पहलगाम हमले में हिंदुओं को निशाना बनाया गया था.
टीएमसी ने आरोपों को नकारा
वहीं, TMC ने इन आरोपों को खारिज करते हुए BJP पर धार्मिक आधार पर ध्रुवीकरण करने का आरोप लगाया है. TMC नेता कुणाल घोष ने कहा, BJP मुर्शिदाबाद की घटना पर गंदी राजनीति कर रही है. हम इस हिंसा की निंदा करते हैं और इसकी पूरी जांच करेंगे.
बता दें कि ममता बनर्जी ने पहले ऑपरेशन सिंदूर का समर्थन किया था और कहा था कि वह आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं. हालांकि पहले TMC ने ऑपरेशन सिंदूर पर केंद्र के सभी दलों की प्रतिनिधित्व वाली प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने से इनकार कर दिया क्योंकि उन्हें नामांकन में शामिल नहीं किया गया था. मगर बाद में केंद्र की तरफ से की गई बातचीत के बाद टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल हुएय
सूत्रों की मानें तो BJP मुर्शिदाबाद हिंसा को TMC की हिंदू-विरोधी नीतियों का सबूत बताकर पश्चिम बंगाल में हिंदू मतदाताओं को लामबंद करने की कोशिश में भी है. दूसरी तरफ, ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को राष्ट्रीय सुरक्षा और हिंदू गौरव से जोड़कर राष्ट्रीय स्तर पर जिस तरह का माहौल बना है. यह स्थिति भी लगभग कुछ ऐसे ही एजेंडे को आगे बल देती नजर आ रही. हालांकि पार्टी ने साफ कर दिया है कि वो ऑपरेशन सिंदूर को राजनीतिक रंग नहीं देना चाहती है.
तिरंगा यात्रा का आयोजन
पार्टी ने पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ‘तिरंगा यात्रा’ और ‘सिंदूर खेला’ जैसे आयोजनों के जरिए अपनी मौजूदगी बढ़ाई है. BJP यह भी मुद्दा बना रही है कि ममता सरकार सीमा सुरक्षा और घुसपैठ जैसे मुद्दों पर सख्त कदम नहीं अपना रही है और पार्टी इस बात को जनता के सामने भी रखने को योजना बना रही है.
भाजपा ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर मुर्शिदाबाद की घटनाओं को TMC की क्रूरता करार दिया और दावा किया कि हिंदुओं के खिलाफ अत्याचार अब बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे. दूसरी ओर TMC ने इन आरोपों को BJP की सांप्रदायिक राजनीति करार दिया और कहा कि वह शांति और सौहार्द के लिए काम कर रही है.
प्रेम शुक्ला का बयान
इस मुद्दे पर बोलते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला का कहना है कि टीएमसी ने पहले भारत के प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने पर मन किया बाद में वो उसमें शामिल हुए,मगर जिस तरह से टीएसी के नेता ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी सवाल उठाते रहे हैं वह कहीं न कहीं दुश्मन देशों के मंसूबों को बुलंद करता रहा है.