उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत मिलने वाले मुफ्त राशन के वितरण में बड़ा बदलाव आया है। पहले योजना थी कि मई के अंत तक तीन महीने का राशन एकसाथ दिया जाएगा, लेकिन अब राज्य सरकार ने इस शेड्यूल में बदलाव करते हुए राशन के वितरण की नई तारीखें घोषित कर दी हैं। अब जून, जुलाई और अगस्त का राशन एडवांस में दिया जाएगा, लेकिन ये राशन एकसाथ नहीं बल्कि अलग-अलग तारीखों पर मिलेगा।
मानसून की तैयारियों के कारण एडवांस राशन वितरण
इस बदलाव का सबसे बड़ा कारण मानसून की तैयारियां और वितरण में आने वाली दिक्कतें हैं। मानसून के मौसम में अनाज का भंडारण और ट्रांसपोर्टेशन बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। इस वजह से केंद्र सरकार ने निर्देश दिया है कि जरूरतमंद परिवारों को तीन महीने का राशन पहले ही दे दिया जाए ताकि बारिश के मौसम में राशन की कमी न हो। इसके तहत इस बार जून से अगस्त तक का राशन एडवांस में मिलेगा, जिससे लोगों को समय पर राशन उपलब्ध हो सके।
नई राशन वितरण की तारीखें
राशन वितरण की नई तारीखों के अनुसार मई का राशन 20 मई तक दिया जाएगा। इसके बाद जून का राशन 25 मई से 5 जून के बीच मिलेगा। जुलाई का राशन 10 जून से 20 जून के बीच वितरित होगा और अगस्त का राशन 25 जून से 6 जुलाई के बीच दिया जाएगा। ये नई तारीखें पहले के शेड्यूल से थोड़ी अलग हैं, जिसमें जून का राशन 21 से 31 मई के बीच, जुलाई का 5 से 16 जून के बीच और अगस्त का 19 से 30 जून के बीच दिया जाना था
यह व्यवस्था सिर्फ एक बार के लिए लागू
यह व्यवस्था सिर्फ इस बार के लिए ही लागू है। अगर कोई राशन कार्डधारक इन तारीखों के बीच अपना राशन नहीं लेता है तो उसे सीधे सितंबर तक इंतजार करना होगा। इसलिए सभी लोगों से आग्रह है कि वे अपने कोटे का राशन समय पर जरूर प्राप्त करें ताकि उन्हें किसी भी तरह की परेशानी न हो।
ई-केवाईसी अनिवार्य, फर्जी कार्डधारकों पर सख्ती
राशन लेने के लिए यह भी जरूरी है कि आपका राशन कार्ड ई-केवाईसी से अपडेट हो। जिन कार्डधारकों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराई है, वे राशन नहीं ले पाएंगे। प्रशासन ने फर्जी राशन कार्ड धारकों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है और ऐसे कई कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं। अगर किसी के पास गलत तरीके से राशन कार्ड बना है तो उसे तुरंत सरेंडर कर देना चाहिए वरना सरकार मुफ्त राशन की वसूली भी कर सकती है।
उत्तर प्रदेश में मुफ्त राशन योजना की व्यापकता
उत्तर प्रदेश में कुल करीब 3.16 करोड़ राशन कार्डधारक हैं, जिनमें से 1.29 करोड़ से ज्यादा अंत्योदय कार्डधारक हैं। अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति कार्ड 35 किलो चावल और गेहूं मुफ्त मिलता है, जबकि गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति सदस्य 5 किलो राशन मिलता है। यह योजना गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है।
राशन कार्डधारकों के लिए जरूरी सलाह
राशन कार्डधारकों को सलाह दी गई है कि वे अगर फर्जी कार्ड बना बैठे हैं तो बिना देरी के उसे सरेंडर कर दें। साथ ही अपना राशन कार्ड और आधार नंबर साथ लेकर नजदीकी राशन दुकान पर जाकर नई तारीखों के अनुसार अपना राशन जरूर लें। जो लोग अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराए हैं, वे जल्द से जल्द नजदीकी CSC सेंटर या जनसेवा केंद्र पर जाकर इसे पूरा कर लें।
यह बदलाव इसलिए किया गया है ताकि मानसून के मौसम में राशन वितरण में कोई बाधा न आए और लोगों को उनकी जरूरत का राशन समय पर मिल सके। सरकार की यह पहल राशन वितरण को आसान और सुचारू बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।
