नई दिल्ली:– बालों में तेल लगाने के कई फायदे हैं. इससे हमारे स्कैल्प को पोषण मिलता है और बल्ड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है. बालों में तेल लगाना भारतीय परंपरा का हिस्सा रहा है. इससे बालों को पोषण. चमक और मजबूती मिलती है. लेकिन सवाल ये है कि बालों के लिए नारियल या सरसों कौन सा तेल बेहतर होता है और इसे लगाने का सही तरीका क्या है. हेयर ग्रोथ के लिए मशहूर हेयर स्टाइलिस्ट जावेद हबीब के टिप्स अपनाकर हम बालों को जड़ से मजबूत बना सकते हैं और डैंड्रफ जैसी समस्याओं से निजात पा सकते हैं.
नारियल तेल बालों के लिए पौष्टिक और मॉइस्चराइजिंग होता है. इसमें लॉरिक एसिड, विटामिन E, और एंटी-फंगल गुण होते हैं, जो स्कैल्प को स्वस्थ रखते हैं और डैंड्रफ को कम करते हैं. यह बालों को मुलायम, चमकदार, और रूखेपन से मुक्त रखता है. यह बालों के टेक्सचर को सुधारता और ग्रोथ को बढ़ावा देता है. दक्षिण भारत में नारियल तेल का उपयोग आम है, क्योंकि यह वहां की जलवायु के अनुकूल है और बालों को गहराई से पोषण देता है.
नारियल तेल ड्राई और डैमेज्ड बालों के लिए बेहतर माना जाता है है, क्योंकि यह बालों को मॉइस्चर देता है. इसके एंटी-फंगल गुण डैंड्रफ को कम करते हैं. यह बालों की जड़ों को मजबूत करता है और हेयर फॉल को कम करता है.
नारियल तेल को हल्का गुनगुना करें. इसमें तुलसी, अश्वगंधा, जटामानसी, या पीपल के पत्ते मिला सकते हैं. स्कैल्प और बालों की जड़ों से सिरों तक 10-15 मिनट तक मालिश करें. रातभर या 2-3 घंटे के लिए छोड़ दें, फिर माइल्ड शैम्पू से धो लें.
सरसों का तेल ओमेगा-3, ओमेगा-6, विटामिन E, और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो बालों को गहराई से पोषण देता है और जड़ों को मजबूत करता है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-डैंड्रफ गुण होते हैं, जो स्कैल्प की खुजली और इंफेक्शन को कम करते हैं. यह रक्त संचार (ब्लड सर्कुलेशन) को बढ़ाता है, जिससे हेयर ग्रोथ को बढ़ावा मिलता है. उत्तर भारत में सरसों तेल की परंपरा रही है, और जावेद हबीब इसे दादी-नानी के समय से आजमाया हुआ और प्रभावी मानते हैं.
सरसों तेल बालों की जड़ों को मजबूत करता है और हेयर फॉल को कम करता है. इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण स्कैल्प को हेल्दी रखते हैं. यह बालों को चमकदार और घना बनाता है.
नारियल तेल को हल्का गुनगुना करें. इसमें तुलसी, अश्वगंधा, जटामानसी, या पीपल के पत्ते मिला सकते हैं. स्कैल्प और बालों की जड़ों से सिरों तक 10-15 मिनट तक मालिश करें. रातभर या 2-3 घंटे के लिए छोड़ दें, फिर माइल्ड शैम्पू से धो लें.
सरसों का तेल ओमेगा-3, ओमेगा-6, विटामिन E, और एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो बालों को गहराई से पोषण देता है और जड़ों को मजबूत करता है. इसमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-डैंड्रफ गुण होते हैं, जो स्कैल्प की खुजली और इंफेक्शन को कम करते हैं. यह रक्त संचार (ब्लड सर्कुलेशन) को बढ़ाता है, जिससे हेयर ग्रोथ को बढ़ावा मिलता है. उत्तर भारत में सरसों तेल की परंपरा रही है, और जावेद हबीब इसे दादी-नानी के समय से आजमाया हुआ और प्रभावी मानते हैं.
सरसों तेल बालों की जड़ों को मजबूत करता है और हेयर फॉल को कम करता है. इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण स्कैल्प को हेल्दी रखते हैं. यह बालों को चमकदार और घना बनाता है.
जावेद हबीब के अनुसार, सरसों का तेल बालों के लिए सबसे अच्छा है, क्योंकि यह पुराने समय से इस्तेमाल होता आ रहा है और इसके परिणाम आज भी देखे जा सकते हैं (जैसे दादी-नानी के मजबूत और घने बाल). यह तेल फैटी एसिड्स, विटामिन A, D, E, K, और जिंक, आयरन, कैल्शियम जैसे पोषक तत्वों से भरपूर है, जो बालों को जड़ से मजबूत बनाता है. हालांकि, नारियल तेल भी प्रभावी है, खासकर दक्षिण भारत में, जहां यह जलवायु के अनुकूल है. अगर आप दक्षिण भारत में रहते हैं, तो नारियल तेल बेहतर हो सकता है.
जावेद हबीब ने पारंपरिक हेयर ऑयलिंग के तरीके को गलत ठहराया है, जिसमें लोग सूखे बालों पर तेल लगाते हैं. उनके अनुसार, सूखे बालों पर तेल लगाना प्रभावी नहीं है, और सही तरीका गीले बालों पर तेल लगाना है.
सबसे पहले बालों को गुनगुने पानी से गीला करें. गीले बालों की जड़ें खुली होती हैं, जिससे तेल स्कैल्प और जड़ों तक अच्छी तरह पहुंचता है. यह तरीका शैम्पू और कंडीशनर की तरह है, जो भी गीले बालों पर लगाए जाते हैं.
