दमोह:- नई शिक्षा नीति के तहत लागू हुआ एनसीईआरटी का कोर्स अभिभावकों और छात्रों को परेशान कर रहा है. स्कूल प्रबंधन भी तय नहीं कर पा रहे हैं कि स्कूल में एनसीईआरटी का पुराना कोर्स चलाएं या जुलाई में प्रकाशित होने वाला नया कोर्स लागू करेंगे. इस कन्फ्यूजन के चलते कुछ स्कूलों ने बच्चों से एनसीईआरटी का पूराना सिलेबस खरीदा लिया था और पढ़ाई भी शुरू कर दी थी. तभी शिक्षा विभाग से जानकारी निकलकर सामने आई है कि नए सत्र 2025-26 में जो सिलेबस पढ़ाया जाएगा उसमें कई पाठ्य क्रम हटाए और जोड़े गए हैं.
NCERT सिलेबस में बड़ा बदलाव
केंद्र सरकार ने नई केंद्रीय शिक्षा नीति के तहत देश भर में नए सत्र 2025-26 में एनसीईआरटी का नया कोर्स लागू कर दिया गया है. साथ ही निर्देश दिए हैं कि नए सत्र से सभी सीबीएसई स्कूलों में केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर ही एनसीईआरटी का सिलेबस लागू किया जाएगा. यह आदेश उन स्कूलों के लिए परेशानी का सबब बन गया है, जो अभी तक सीबीएसई पैटर्न के तहत कोर्स चला रहे था. स्कूल प्रबंधन तय नहीं कर पा रहे हैं कि वह अपने स्कूल में एनसीईआरटी का पुराना सिलेबस चलाएं या नया सिलेबस लागू करें.
दमोह शहर में सीबीएसई बोर्ड के 5 स्कूल संचालित होते हैं. इनमें से कुछ स्कूलों ने सिलेबस जल्द शुरू करने के चक्कर में एनसीईआरटी का पुराना कोर्स बच्चों को खरीदवा दिया है. अप्रैल में लगे एक महीने तक स्कूल में वही कोर्स पढ़ाया भी गया है. स्कूलों ने लगभग 15% तक कोर्स भी कंप्लीट कर लिया है और 5 से 7% का होमवर्क बच्चों को दे दिया गया. इन स्कूलों के सामने अब बड़ी परेशानी खड़ी हो गई. एनसीईआटी सत्र 2025-26 के लिए जुलाई में नया सिलेबस लागू करेगा, जिससे बच्चों की अबतक की सारी मेहनत जीरो हो जाएगी.
सीबीएसई के बच्चें पढ़ेंगे NCERT की बुक
दरअसल, अभी तक केंद्रीय विद्यालय को छोड़कर सभी सीबीएसई स्कूलों में सीबीएसई पैटर्न के तहत कोर्स चलाए जा रहे थे, जो एनसीईआरटी के कोर्स से बहुत अलग थे. साल 2020 आई नई केंद्रीय शिक्षा नीति के लागू होने के बाद सभी स्कूलों में केंद्रीय विद्यालय की तर्ज पर ही एनसीईआरटी के सिलेबस पढ़ाए जाएंगे. अब सभी स्कूलों में एक तरह का पैटर्न रहेगा. एनसीईआरटी ने जनवरी के महीने में ही यह नोटिफिकेशन जारी किया था कि वह इस वर्ष कक्षा चौथी, पांचवी, सातवीं तथा आठवीं का पूरा सिलेबस बदलकर नया सिलेबस जारी करेगा.
स्कूलों में नहीं चलेगी पुरानी किताबें
2 महीने पहले इसकी कुछ किताबें में भी मार्केट में आ गई. हालांकि पूरा सिलेबस अभी प्रिंट होकर नहीं आ पाया है. पुरानी किताबों में राम कथा, बाल भारत मुगल डायनेस्टी सहित तमाम विषय बदलकर पूरी तरह से नए पैटर्न का सिलेबस बनाया गया है. यह सिलेबस इतना एडवांस है कि शिक्षकों को भी समझने में परेशानी आ रही है. इसी के लिए अलग से ब्रिज कोर्स भी चलाया गया. ताकि शिक्षक सिलेबस को अच्छे से समझ सकें और उसके बाद वह बच्चों को आसानी से पढ़ा भी सकें. लेकिन जिन स्कूलों में पुराना सिलेबस पढ़ाया जा रहा है, उन स्कूलों के बच्चे अगले वर्ष जब एडवांस कोर्स को पढ़ेंगे तो उनके लिए बहुत परेशानी पैदा होगी, क्योंकि पुराना सिलेबस और नया सिलेबस एकदम से अलग है.
नए सिलेबस को लेकर पशोपेश में प्रशासन
इस विषय को लेकर के जिला प्रशासन के पास भी कोई ठोस रणनीति नहीं है. कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर ने बताया, “जब नई शिक्षा नीति के तहत एनसीईआरटी पैटर्न लागू किया गया था, उस समय नए सिलेबस की किताबें छपकर नहीं आई थीं. उस समय यह भी तय नहीं था कि नई किताबें आखिर कब तक आएंगी. इसलिए स्कूलों ने पुरानी किताबों से पढ़ाना चालू कर दिया था. यदि इस संबंध में छात्रों को कोई असुविधा होती है तो हम उन्हें पूरी तरह से गाइड करेंगे.” यदि जुलाई में नया सिलेबस आ जाता है, तो उसे भी लागू करने का हम प्रयास करेंगे.